Karachi में अनोखी गधा गाड़ी रेस का आयोजन, आज़ादी के जश्न में दिखा पुराना पारंपरिक अंदाज़

कराची शहर में पाकिस्तान के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बेहद अनोखा और पारंपरिक खेल देखने को मिला। शहर में पहली बार आयोजित हुई 'आज़ादी गधा गाड़ी रेस' ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा और पुरानी संस्कृति को फिर से ज़िंदा करने का काम किया। इस प्रतियोगिता को देखने के लिए बड़ी संख्या में आम लोग और खेल प्रेमी सड़क के किनारे इकट्ठा हुए थे।
कहाँ से शुरू हुई और कहाँ खत्म हुई रेस
यह अनोखी प्रतियोगिता सुबह 8:30 बजे ऐतिहासिक नेट्ठी जेटी ब्रिज (Netty Jetty Bridge) से शुरू हुई। लगभग 40 गधा गाड़ियाँ इस रेस में शामिल हुईं, जिन्होंने 2 किलोमीटर का सफर तय किया। सभी गधा गाड़ियाँ दौड़ते हुए कमिश्नर ऑफिस तक पहुँचीं, जहाँ इस रोमांचक प्रतियोगिता का समापन हुआ। इस दौरान स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला और हर कोई अपने पसंदीदा प्रतिभागी का हौसला बढ़ा रहा था।
किसने जीता पहला मुकाबला
इस रोमांचक रेस में मजीद बलूच ने बाजी मारी। मजीद बलूच ने अपनी गधी 'कोएल' (Koel) के साथ पहला स्थान हासिल किया। उनके बाद चीमा दूसरे स्थान पर रहे जिनकी गधी का नाम 'पीरल' (Peeral) था, और लाल बादशाह ने तीसरा स्थान प्राप्त किया जो 'शाह जहाँ' (Shah Jahan) नाम की गधा गाड़ी के साथ दौड़ में शामिल थे। विजेताओं को देखने और उनका उत्साह बढ़ाने के लिए शहर के कई बड़े अधिकारी भी वहाँ मौजूद थे।
अधिकारियों ने की सराहना
इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन कमिश्नर कराची सैयद हसन नकवी (Syed Hassan Naqvi) की देखरेख में किया गया। इस मौके पर कराची के मेयर बैरिस्टर मुर्तजा वहाब (Murtaza Wahab) और अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक आज़ाद खान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने विशेष तौर पर लियारी (Lyari) जिले के लोगों की तारीफ की, जिन्होंने इस पुरानी परंपरा को आज भी संभाल कर रखा है। अधिकारियों का कहना था कि ऐसे आयोजनों से समाज में भाईचारा और खेल की भावना बढ़ती है।
अब हर साल होगी यह प्रतियोगिता
दौड़ की सफलता को देखते हुए सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों ने बड़ा ऐलान किया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अब 'कमिश्नर कराची कप गधा कार्ट रेस' को स्वतंत्रता दिवस के मुख्य कार्यक्रमों का एक वार्षिक हिस्सा बनाया जाएगा। इस प्रतियोगिता को हर साल आयोजित किया जाएगा ताकि शहर में स्वस्थ मनोरंजन को बढ़ावा मिल सके और आम जनता के बीच शांति तथा आपसी मेलजोल को मजबूत किया जा सके।