कराची में सात बलूच छात्र लापता, मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तानी एजेंसियों पर लगाए गंभीर आरोप

Praggya Singh sabal9 August 20263 min read68 viewsWorld
कराची में सात बलूच छात्र लापता, मानवाधिकार संगठन ने पाकिस्तानी एजेंसियों पर लगाए गंभीर आरोप

पाकिस्तान में इन दिनों बलूच छात्रों के अचानक गायब होने का सिलसिला बहुत तेजी से बढ़ रहा है, जिससे आम लोगों और मानवाधिकार संगठनों में भारी डर और चिंता का माहौल बना हुआ है। हाल ही में आई एक बड़ी खबर के अनुसार, पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों से बलूच समुदाय के छात्रों के जबरन लापता होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने देश की सुरक्षा एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले को लेकर विभिन्न संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है और सरकार से तुरंत जवाब मांगा है।

कराची यूनिवर्सिटी के पांच छात्र अचानक गायब

मानवाधिकार परिषद बलूचिस्तान यानी एचआरसीबी ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि कराची विश्वविद्यालय के पांच बलूच छात्रों को बुधवार के दिन कराची के गुलशन-ए-इकबाल इलाके में उनके घर से उठाया गया। इस दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों और रेंजर्स के जवानों ने उनके घर पर अचानक छापेमारी की थी। संगठन का कहना है कि इन छात्रों के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और उनका सारा निजी सामान भी जबरन साथ ले जाया गया।

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जिन छात्रों के नाम इस घटना में सामने आए हैं, उनमें अजहर बलूच, घोष बख्श बलूच, शहजाद बलूच, अनीस बलूच और वसीम बलूच शामिल हैं। इन सभी छात्रों का पिछले कुछ दिनों से कोई अता-पता नहीं चल पा रहा है और उनके परिवार वाले बहुत ज्यादा परेशान हैं।

पहले भी गायब हुए थे छात्र

यह कोई पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी दो अन्य बलूच छात्र, जिनमें एमफिल का छात्र खलील बलूच और जुबैर बलूच शामिल हैं, इसी तरह अचानक गायब हो गए थे। इन पुरानी घटनाओं का जिक्र करते हुए एचआरसीबी ने पाकिस्तानी अधिकारियों से कड़ी मांग की है कि वे तुरंत इन सभी लापता छात्रों का पता सार्वजनिक करें। संगठन ने यह भी कहा है कि अगर इन छात्रों पर कोई कानूनी मामला है, तो उन्हें छिपाने के बजाय कानून के मुताबिक किसी सक्षम अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।

अंतरराष्ट्रीय नियमों का हो रहा उल्लंघन

इस पूरे मामले पर बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन का कहना है कि किसी भी इंसान को इस तरह जबरन गायब करना अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का बहुत बड़ा उल्लंघन है। इस तरह की अवैध हरकतों से लोगों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता, उनकी सुरक्षा, सही न्यायिक प्रक्रिया और सबसे बढ़कर उनकी शिक्षा पाने का अधिकार पूरी तरह से प्रभावित होता है।

इसके अलावा, बलूच यकजेहती कमेटी यानी बीवाईसी की नेता सबीहा बलूच ने भी मीडिया के सामने अपनी बात रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि बलूच छात्रों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है और यह कोई छिटपुट या इकलौती घटना नहीं है, बल्कि यह एक बहुत बड़े और खतरनाक पैटर्न का हिस्सा है जो लंबे समय से चल रहा है।

खुजदार जिले में ड्रोन कार्रवाई से बच्चे की मौत

एक अन्य घटना में बलूच वॉयस फॉर जस्टिस यानी बीवीजे ने बड़ा दावा किया है कि बलूचिस्तान के खुजदार जिले के गोरू इलाके में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर ड्रोन से कार्रवाई की। इस हमले में एक मासूम नाबालिग बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। संगठन ने कड़े शब्दों में मांग की है कि आम नागरिक आबादी वाले इलाकों में इस तरह की खतरनाक सैन्य कार्रवाइयों पर तुरंत रोक लगाई जाए और वहां रहने वाले साधारण नागरिकों की जिंदगी की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

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