काठमांडू में छात्रों का फूटा गुस्सा, एलपीजी गैस की किल्लत और लंबी कतारों के खिलाफ किया जोरदार प्रदर्शन.

नेपाल की राजधानी काठमांडू में इन दिनों खाना पकाने वाली गैस की भारी कमी के कारण आम लोगों और खास तौर पर छात्रों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इसी परेशानी को दूर करने और गैस की आपूर्ति को पूरी तरह सामान्य करने की मांग को लेकर 18 अगस्त को छात्रों ने सड़कों पर उतरकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। लंबी कतारों और गैस नहीं मिलने से हो रही दिक्कतों के चलते नेपाल विद्यार्थी संघ यानी नेविसंघ के बैनर तले यह विरोध प्रदर्शन काठमांडू स्थित त्रिचंद्र कैंपस के ठीक सामने किया गया।
छात्रों को हो रही है गंभीर समस्याएं
प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे छात्रों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपने हाथ में खाली गैस सिलेंडर उठाए हुए थे। प्रदर्शनकारियों का साफ तौर पर आरोप था कि मौजूदा सरकार की गलत नीतियों के कारण ही बाजार में एलपीजी गैस की यह कृत्रिम कमी पैदा हुई है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत प्रभाव से गैस की बिक्री और वितरण व्यवस्था को आसान बनाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। काठमांडू में रहकर पढ़ाई करने वाले बाहर के छात्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग इस किल्लत की वजह से सबसे ज्यादा पिस रहे हैं। हालात यह हो गए हैं कि छात्रों को भूखे रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वे होटलों में जाकर खाना खाने में असमर्थ हैं और कई छात्रों के पास कॉलेज आने-जाने के लिए वाहन का किराया चुकाने तक के पैसे नहीं बचे हैं।
वितरण प्रणाली बदलने से बढ़ी परेशानी
छात्र नेताओं ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पहले स्थानीय डीलरों के माध्यम से गैस का वितरण बहुत ही सहज और आसान तरीके से होता था। लोग आसानी से अपनी गैस की टंकी भरवा लेते थे। लेकिन जब से सरकार ने अपने स्तर से सीधे गैस का वितरण करने की कोशिश शुरू की है, तब से बाजार में भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गैस पाने के लिए लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं और लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरी स्थिति की जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है, जिसमें छात्रों के संघर्ष और उनकी मांगों को प्रमुखता से उठाया गया है।