Khartoum में खुला ओपन-एयर सिनेमा, युद्ध के माहौल के बीच परिवारों को मिल रहा है सुकून.

Sushma Kumari22 August 20263 min read53 viewsWorld
Khartoum में खुला ओपन-एयर सिनेमा, युद्ध के माहौल के बीच परिवारों को मिल रहा है सुकून.

युद्ध की विभीषिका और संघर्ष के बीच जी रहे सूडान की राजधानी खार्artoum के परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। जंग से घिरे इस इलाके में लोग अब एक बार फिर ओपन-एयर सिनेमा का रुख कर रहे हैं, जहां उन्हें इस माहौल से कुछ देर के लिए मानसिक सुकून और मनोरंजन मिल रहा है। Al Jazeera English की 22 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिनेमाघर स्थानीय लोगों को युद्ध की डरावनी सच्चाइयों से थोड़ी राहत देने का काम कर रहा है।

सिनेमा संचालकों की योजना और सूडानी फिल्मों को बढ़ावा

सिनेमा के आयोजकों ने आने वाले समय में यहां अधिक से अधिक सूडानी फिल्मों को दिखाने की इच्छा जताई है, ताकि स्थानीय संस्कृति और कला को बढ़ावा मिल सके। लेकिन इस बेहतरीन पहल के सामने बिजली की भारी किल्लत एक बहुत बड़ी दीवार बनकर खड़ी हो गई है। बिजली न होने की वजह से आयोजकों को रोजाना के संचालन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

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खार्artoum में बिजली संकट और ब्लैकआउट की स्थिति

अगस्त 2026 की शुरुआत से ही खार्artoum में बिजली आपूर्ति की स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। शहर के कई इलाकों में बिजली गुल होने की समस्या इतनी गंभीर है कि लोगों को लगातार दो दिनों तक बिना बिजली के रहना पड़ रहा है। इन बिजली संकटों ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। बिजली न होने की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं, खाने-पीने की चीजों को सुरक्षित रखने और स्थानीय छोटे व्यवसायों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है, जिससे सिनेमाघर का सुचारू रूप से चलना भी मुश्किल हो गया है।

सूडान के ऊर्जा और पेट्रोलियम मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, देश में बिजली कटौती के कई बड़े कारण हैं। 21 जुलाई 2026 को मंत्रालय ने बताया था कि इथोपिया से बिजली की आपूर्ति रुकने, मांग बढ़ने, रख-रखाव की कमी और तोड़फोड़ के कारण जनरेशन यूनिट्स, ट्रांसफार्मर स्टेशनों और ट्रांसमिशन लाइनों को भारी नुकसान पहुंचा है। इन हमलों और चोरी की वारदातों के कारण देश भर में स्थिति और बिगड़ गई है। इस वजह से कई इलाकों में रोजाना 18 घंटे से ज्यादा का ब्लैकआउट देखा जा रहा है।

मिरोवे बांध की तबाही और राष्ट्रव्यापी ब्लैकआउट

संकट तब और गहरा गया जब 12 अगस्त 2026 को सूडान की आधी से ज्यादा बिजली आपूर्ति करने वाले Merowe Hydroelectric station को भारी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते पूरे देश में ब्लैकआउट की घोषणा करनी पड़ी। इस दौरान लगभग 3,000 मेगावाट की बिजली की कमी दर्ज की गई। इसके अलावा 6 अगस्त 2026 को ऊर्जा और पेट्रोलियम मंत्री Al-Mutasim Ibrahim ने जानकारी दी थी कि एक भीषण आग की वजह से मिरोवे बांध से जुड़ा बिजली नेटवर्क पूरी तरह से खराब हो गया है। मंत्रालय अब विदेश से स्पेयर पार्ट्स आने का इंतजार कर रहा है ताकि मरम्मत का काम पूरा किया जा सके।

हालात तब और ज्यादा बिगड़ गए जब 19 अगस्त 2026 को एल ओबेइद (El Obeid) के मुख्य इलेक्ट्रिकल ट्रांसफार्मर पर ड्रोन हमलों और तेज लड़ाई के कारण बिजली पूरी तरह ठप हो गई। इससे पानी की सप्लाई, स्वास्थ्य केंद्र और टेलीकॉम सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं। हालांकि, मंत्रालय ने नेशनल ग्रिड में 260 मेगावाट से ज्यादा बिजली बहाल कर दी है और आने वाले प्रोजेक्ट्स के जरिए 600 मेगावाट से ज्यादा बिजली वापस लाने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने अब तक 20 से ज्यादा सब-स्टेशनों और 1,700 किलोमीटर (1,050 मील) से अधिक क्षतिग्रस्त ट्रांसमिशन लाइनों को ठीक कर लिया है, लेकिन इसके बावजूद आम जनता को बिजली संकट से पूरी तरह राहत नहीं मिल पाई है।

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