Kolkata Airport: कोलकाता हवाईअड्डे पर बड़ी कार्रवाई, मलेशिया भेजे जा रहे 550 दुर्लभ प्रजाति की मछलियां बरामद

कोलकाता हवाईअड्डे के अंतरराष्ट्रीय मालवाहक परिसर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 550 दुर्लभ प्रजाति की चन्ना बरका या तिला शोल मछलियों को सफलतापूर्वक बरामद किया है। इस बात की जानकारी रविवार को आधिकारिक रूप से सामने आई जिसके बाद से वन्यजीव तस्करी के इस मामले में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। तस्कर इन जलीय जीवों को दूसरे देश भेजने की साजिश रच रहे थे ताकि अवैध रूप से मुनाफा कमाया जा सके।
मलेशिया भेजने की थी पूरी तैयारी
जांच के दौरान सूत्रों से यह बात सामने आई है कि इन सभी दुर्लभ समुद्री मछलियों को सामान्य समुद्री मछलियां बताकर एक बड़े कंटेनर में पैक किया गया था। तस्करों की योजना इन बक्सों को हवाई मार्ग के जरिए मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर भेजने की थी। शनिवार को कोलकाता अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के अंतरराष्ट्रीय मालवाहक विभाग से कुल चार थर्मोकोल के बक्से मालवाहक विमान में लादने के लिए ले जाए जा रहे थे। एक्वा एंटरप्राइज के स्वामी हिंडोल हलदार नामक व्यक्ति के माध्यम से इन बक्सों की बुकिंग कराई गई थी और आरोप है कि इसी संस्था के जरिए इन्हें विदेश भेजने की पूरी तैयारी की गई थी।
वन्यजीव विभाग की त्वरित कार्रवाई
जैसे ही वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अधिकारियों को इस अवैध खेप के बारे में गुप्त सूचना मिली, वे बिना किसी देरी के तुरंत हवाईअड्डे पहुंच गए। अधिकारियों ने मालवाहक परिसर में रखे गए चारों थर्मोकोल के बक्सों की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान बक्सों के अंदर प्लास्टिक के पैकेटों में बड़ी संख्या में दुर्लभ प्रजाति की मछलियां भरी हुई मिलीं। अधिकारियों ने बिना किसी विलंब के सभी मछलियों को अपने कब्जे में ले लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर जब्त कर लिया।
आगे की जांच जारी
इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद जांच अधिकारी यह पता लगाने में पूरी तरह से जुटे हैं कि इतनी बड़ी संख्या में ये दुर्लभ मछलियां आखिरकार कहां से लाई गई थीं। इसके साथ ही इस तस्करी के इस बड़े रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के बाद इस अवैध कारोबार से जुड़े कई अन्य बड़े नामों का खुलासा हो सकता है। मामले की जांच अभी भी जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इस पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।