Kolkata में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा टूटी, दक्षिण कोलकाता के न्यू अलीपुर इलाके में मची खलबली और पुलिस जांच शुरू.

पश्चिम बंगाल की राजधानी Kolkata से एक बड़ी और हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है, जहां दक्षिण कोलकाता के New Alipore इलाके में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिलने से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिला है। यह घटना 13 August की है और टॉलीगंज जाने वाले मार्ग पर तीन सिर वाले मोड़ के पास स्थापित इस मूर्ति का दाहिना हाथ टूटा हुआ पाया गया, जिसके बाद सुबह-सुबह जब स्थानीय लोगों की नजर इस पर पड़ी तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और देखते ही देखते लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।
प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव और राजनीतिक सरगर्मी
इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय BJP कार्यकर्ता तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने कड़ा विरोध जताया। भाजपा नेताओं का आरोप है कि रात के अंधेरे में कुछ असामाजिक तत्वों ने सोची-समझी साजिश के तहत नेताजी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द दोषियों की पहचान करके उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।
बंग विभूषण सम्मान वापसी और हालिया विवाद
आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस को लेकर कुछ कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे माहौल गरमाया हुआ है। ग्रेटर कूचबिहार आंदोलन के नेता Anant Maharaj और उनके समर्थकों पर नेताजी को लेकर आपत्तिजनक बातें कहने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए अनंत महाराज से Banga Bibhushan सम्मान वापस ले लिया है।
नेताजी के अपमान को लेकर प्रशासन सख्त निर्देश
भारतीय जनता पार्टी के दक्षिण कोलकाता के सचिव Tarak Banerjee ने इस पूरी घटना को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी या हरकत को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रशासन को इस संबंध में कड़े निर्देश दिए गए थे कि ऐसे मामलों में तुरंत एक्शन लिया जाए। तारक बनर्जी ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले की गहराई से जांच कराई जाए और प्रतिमा को तोड़ने वाले या नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को जल्द बेनकाब किया जाए।