कुवैत और अमेरिका ने मजबूत किए रक्षा संबंध, पेंटागन में हुई अहम बैठक और नए समझौतों पर लगी मुहर

कुवैत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों को और ज्यादा मजबूत करने के लिए पेंटागन में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस वार्षिक संयुक्त सैन्य समिति की बैठक में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान सैन्य रखरखाव और ट्रेनिंग के क्षेत्र में आपसी साझेदारी को और गहरा करने को लेकर विस्तार से बातचीत की गई। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और रक्षा क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
पेंटागन में हुई संयुक्त सैन्य समिति की बैठक
कुवैत आर्मी के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल खालिद अल-शुरइयान और अमेरिका के मिडिल ईस्ट एंड सेंट्रल एशिया के डिप्टी असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ डिफेंस माइकल डिमिनो ने इस बैठक की सह-अध्यक्षता की। यह बैठक 22 अगस्त 2026 को पेंटागन में हुई थी। इस महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिकी सेंट्रल कमांड, ज्वाइंट स्टाफ, स्टेट डिपार्टमेंट और मैरीलैंड नेशनल गार्ड के प्रतिनिधि भी शामिल हुए थे। अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान कुवैत को आधिकारिक तौर पर अमेरिकी स्टेट पार्टनरशिप प्रोग्राम में शामिल कर लिया गया। इस बात की पुष्टि मैरीलैंड नेशनल गार्ड के साथ एक रणनीतिक साझेदारी स्थापित करने के लिए साइन किए गए मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग से हुई। दोनों पक्षों ने वर्तमान समय की सुरक्षा चुनौतियों पर गंभीरता से विचार किया और एयर तथा मिसाइल डिफेंस सिस्टम के तालमेल को बेहतर बनाने के तरीकों पर भी बात की। आधुनिक युद्ध में बिना पायलट वाले विमान यानी ड्रोन की बढ़ती भूमिका पर भी विशेष रूप से प्रकाश डाला गया।
हथियारों की बड़ी डील और रक्षा आधुनिकीकरण
कुवैत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक मजबूत प्रतिबद्धता दिखाई है। अपनी इसी योजना के तहत कुवैत ने 1.98 अरब डॉलर की भारी-भरकम लागत से एंड्यूरिल काउंटर-स्मॉल अनमैंड एयरक्राफ्ट सिस्टम खरीदने की योजना बनाई है। यह सौदा व्यापक विदेशी सैन्य बिक्री रणनीति का एक अहम हिस्सा है। इसके अलावा दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी प्रशासन की 'अमेरिका फर्स्ट आर्म्स ट्रांसफर स्ट्रेटजी' की भी समीक्षा की। इसका उद्देश्य सैन्य बिक्री की प्रक्रिया को आसान बनाना और कुवैती सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण में तेजी लाना है।
इस बैठक से जुड़ी आधिकारिक जानकारी और विस्तृत विवरण के लिए आप US Department of War Release पर जा सकते हैं। इस नए ऑपरेशनल रोडमैप के जरिए दोनों देश आने वाले समय में रक्षा क्षेत्र में एक-दूसरे का सहयोग और तेजी से करेंगे।