Kuwait में प्रशासन का बड़ा एक्शन, फahaheel इलाके से 74 प्रवासी गिरफ्तार.

कुवैत में रहने वाले प्रवासियों के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है। कुवैत के गृह मंत्रालय ने देश में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में एक बड़े एक्शन के तहत फहाहिल (Fahaheel) इलाके से कुल 74 प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई 17 अगस्त 2026 को की गई थी, जिसमें प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन और रेजिडेंस अफेयर्स इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने मिलकर काम किया, ताकि देश में गैर-कानूनी तरीके से रह रहे लोगों पर लगाम लगाई जा सके। पकड़े गए लोगों के पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे और वे नियमों के खिलाफ जाकर काम कर रहे थे।
कानून तोड़ने वाले अलग-अलग कैटेगरी के लोग आए गिरफ्त में
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पकड़े गए सभी 74 लोग अलग-अलग तरह से वीजा और श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहे थे। इनमें प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले आर्टिकल 18 वाले लोग, सरकारी विभागों में काम करने वाले आर्टिकल 17 के कर्मचारी, परिवार के साथ आश्रित वीजा यानी आर्टिकल 22 पर रहने वाले लोग, घरेलू कामगारों से जुड़ा आर्टिकल 20 तोड़ने वाले और स्पॉन्सर से जुड़ी अनियमितताओं यानी आर्टिकल 24 के दायरे में आने वाले लोग शामिल थे। कुवैत में इन दिनों अवैध प्रवासियों के खिलाफ एक बड़ा देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। सरकार का अनुमान है कि देश में इस समय लगभग 1.5 लाख लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि रेजिडेंसी के नियमों को तोड़ने, सड़क पर किसी भी तरह की गड़बड़ी फैलाने और बिना अनुमति के काम करने वालों के लिए उनकी नीति जीरो टॉलरेंस की है।
शरण देने वालों को भी मिलेगी सख्त सजा
कुवैत सरकार ने उन लोगों के लिए भी चेतावनी जारी कर दी है जो इन अवैध प्रवासियों को अपने यहाँ छुपाते हैं या किसी भी तरह की मदद करते हैं। मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि अगर कोई भी व्यक्ति अवैध प्रवासियों को पनाह देते हुए पकड़ा गया, तो उसे भी तुरंत देश से डिपोर्ट यानी निष्कासित कर दिया जाएगा। सरकार के इन सख्त तेवरों से उन लोगों में हड़कंप मच गया है जो गलत तरीके से देश में रह रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि प्रशासन का यह अभियान कितना बड़ा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2021 से लेकर साल 2024 के अंत तक कुल 3,16,000 से अधिक प्रवासियों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है। फहाहिल में हुई इस हालिया कार्रवाई के अलावा, सुरक्षा बलों ने उन लोगों को भी पकड़ा है जो बहुत लंबे समय से बिना वैध कागजात के कुवैत में रह रहे थे। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया था, जिसमें एक प्रवासी पिछले 25 सालों से अवैध रूप से देश में रह रहा था, जिसे आखिरकार पकड़ लिया गया।
डिपोर्टेशन प्रक्रिया को तेज करने के लिए बनी खास कमेटी
अवैध रूप से रहने वाले लोगों को तुरंत देश से बाहर भेजने के रास्ते में कई तरह की प्रशासनिक अड़चनें आती थीं, जैसे कि पासपोर्ट या यात्रा दस्तावेज का एक्सपायर हो जाना। इन सभी कागजी समस्याओं को तुरंत दूर करने और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को बहुत तेज करने के लिए सरकार ने एक विशेष सुरक्षा समिति का गठन किया है। यह समिति बिना किसी देरी के कागजी कार्रवाई पूरी करती है ताकि कानून तोड़ने वाले लोगों को तुरंत उनके देश वापस भेजा जा सके। भारत और अन्य देशों से कुवैत में नौकरी या परिवार के साथ रहने जाने वाले लोगों के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे अपने सभी वीजा और रेजिडेंसी दस्तावेज हमेशा अपडेट रखें। कुवैत में जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है और सीधा डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय कानूनों का पूरा पालन करें और किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल होने से बचें।