Kuwait में बड़ा एक्शन, रेजिडेंसी और श्रम कानूनों के उल्लंघन में 246 लोग गिरफ्तार, भारतीय प्रवासियों के लिए जरूरी चेतावनी

कुवैत में प्रशासन ने अवैध प्रवासियों और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है। Kuwait's Ministry of Interior द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश भर में चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान कुल 246 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई मुख्य रूप से कैपिटल गवर्नरट और जीलेब अल-शुयूख (Jleeb Al-Shuyoukh) इलाकों में की गई, जहां रेजिडेंसी, श्रम कानूनों और भागने यानी absconding के मामलों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस बड़ी कार्रवाई से वहां रह रहे आम प्रवासियों और खासकर भारतीय समुदाय के लोगों के बीच भी सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है, क्योंकि स्थानीय प्रशासन नियमों को लेकर बेहद सख्त हो गया है।
कैपिटल गवर्नरट में हुई सबसे बड़ी कार्रवाई
अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, कैपिटल गवर्नरट में चलाए गए छापे के दौरान कुल 201 लोगों को पकड़ा गया। इनमें से 187 लोग ऐसे थे जो आपराधिक मामलों, एब्सकॉन्डिंग मामलों, रेजिडेंसी उल्लंघन और लेबर कानून तोड़ने के मामलों में पहले से वांछित थे। इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने उन लोगों को भी दबोचा जिनके वीजा की समय सीमा समाप्त हो चुकी थी या जो बिना किसी पहचान पत्र के घूम रहे थे। इसके अलावा सड़कों पर सामान बेचने वाले स्ट्रीट वेंडर और भीख मांगने वाले लोग भी इस कार्रवाई की चपेट में आए।
इस पूरे ऑपरेशन के दौरान स्थानीय प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी शिकंजा कसा। अधिकारियों ने मौके पर कुल 445 ट्रैफिक चालान काटे, कानूनी मामलों में वांछित 23 वाहन और 10 मोटरसाइकिलें जब्त कीं। इसके अलावा सड़क किनारे लावारिस हालत में खड़े 19 वाहनों को भी वहां से हटाया गया और नियमों की अनदेखी करने पर एक रेस्टोरेंट को तुरंत प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया गया।
जीलेब अल-शुयूख में चोरी और ड्रग्स के साथ पकड़े गए लोग
कैपिटल गवर्नरट के अलावा जीलेब अल-शुयूख क्षेत्र में भी एक अन्य सुरक्षा अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए लोगों में से 36 व्यक्ति ऐसे थे जो एब्सकॉन्डिंग यानी अपने प्रायोजक से भागने के मामलों में पुलिस को तलाश थे। बाकी बचे 9 लोगों पर अन्य कई गंभीर आरोप थे, जिसमें केबल, तांबा, लोहा और गाड़ियों के साइलेंसर जैसे सामानों की चोरी करना शामिल था। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि पकड़े गए लोगों में से दो के पास संदिग्ध नशीले पदार्थ यानी ड्रग्स भी मौजूद थे, जिन्हें पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
पहले भी चल चुके हैं ऐसे कई बड़े अभियान
यह कोई पहली बार नहीं है जब कुवैत प्रशासन ने इस तरह का बड़ा कदम उठाया है। इससे पहले 23 August को फरवानिया, खैतान और रिग्गी जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान चलाए गए थे। उन अभियानों के दौरान कुल 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। पकड़े गए लोगों में 47 ऐसे लोग शामिल थे जिनके पास एक्सपायर हो चुके रेजिडेंसीPermit थे और 4 लोग ऐसे थे जिनके पास अपनी पहचान साबित करने के लिए कोई दस्तावेज नहीं था। इन लगातार हो रही कार्रवाइयों से साफ पता चलता है कि कुवैत सरकार लेबर और रेजिडेंसी मामलों में नियमों का पालन करवाने के लिए कितनी गंभीर है।
भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशियों के लिए जरूरी सलाह
कुवैत के स्थानीय अधिकारियों ने वहां रह रहे सभी प्रवासियों, जिनमें भारतीय नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हैं, को कड़ी सलाह दी है कि वे अपने रेजिडेंसी परमिट और वर्क स्टेटस को हमेशा वैध रखें। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के लेबर विवाद या एब्सकॉन्डिंग मामलों को केवल आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही सुलझाएं। इसके अलावा घर से बाहर निकलते समय हमेशा अपना वैध पहचान पत्र अपने पास रखना अनिवार्य है।
प्रशासन का साफ कहना है कि स्पॉन्सरशिप ट्रांसफर करवाने, नौकरी बदलने या फिर रेजिडेंसी रिन्यू करवाने जैसे कामों के लिए किसी भी फर्जी या अनौपचारिक एजेंट के चक्कर में बिल्कुल न पड़ें। इसके बजाय हमेशा Ministry of Interior, पब्लिक अथॉरिटी फॉर मैनपॉवर और अपनी से संबंधित दूतावास यानी embassy की आधिकारिक सेवाओं का ही उपयोग करें ताकि किसी भी कानूनी मुसीबत से बचा जा सके।