Kuwait Drone Rules: कुवैत कैबिनेट ने ड्रोन नियम के नए प्रस्ताव को दी मंजूरी, आमिर के आखिरी साइन का इंतज़ार

कुवैत की कैबिनेट ने ड्रोन, मानवरहित विमान और हल्के खेल विमानों के इस्तेमाल को पूरी तरह से नियम में बांधने के लिए एक नए ड्राफ्ट डिक्री-लॉ यानी कानून के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के तहत इन सभी उड़ने वाली चीज़ों और उनसे जुड़े कामों पर सरकार की कड़ी नजर रहेगी। कुवैत की आधिकारिक समाचार एजेंसी KUNA के मुताबिक, इस नए कानून के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अंतिम मुहर के लिए देश के अमीर Sheikh Meshal Al-Ahmad Al-Jaber Al-Sabah के पास 11 अगस्त 2026 को भेज दिया गया है।
यह नया कानूनी कदम उठाने के पीछे पिछले कुछ समय से चल रही सुरक्षा से जुड़ी बड़ी चिंताएं हैं। सुरक्षा के हालात को देखते हुए देश के गृह मंत्रालय यानी Ministry of Interior ने इसी साल मार्च 2026 में आसमान से फोटो खींचने और ड्रोन उड़ाने पर पूरे देश में रोक लगा दी थी। इसके बाद हालात की गंभीरता को समझते हुए अप्रैल 2026 में ड्रोन की खरीद-फरोख्त और व्यापार पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। इससे पहले नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी DGCA और बाद में नागरिक उड्डयन प्राधिकरण यानी PACA पुराने नियमों को संभालते थे। पुराने नियमों के तहत ड्रोन को उनके वजन और इस्तेमाल के हिसाब से बांटा गया था और कुछ खास शर्तों जैसे साफ मौसम, दिन के समय और आंखों की सीधी नजर के दायरे में ही ड्रोन उड़ाने की छूट मिलती थी।
क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर
कुवैत सरकार द्वारा इस नए कानून को मंजूरी देना एक ऐसे समय में आया है जब पूरा खाड़ी क्षेत्र ड्रोन से जुड़ी सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। हाल ही में कुवैत की सेना ने देश की सीमा के पास हवा में ही कई खतरनाक और दुश्मन ड्रोन हमलों को नाकाम करने की पुष्टि की है। इसके अलावा पड़ोसी देश इराक ने भी बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है और इसे देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। यूरोपीय संघ के विमानन सुरक्षा एजेंसी यानी EASA ने भी अपनी चेतावनी को आगे बढ़ा दिया है। इस चेतावनी में एयरलाइंस से कहा गया है कि वे ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण पैदा हुई दिक्कतों की वजह से 31 अगस्त 2026 तक बहरीन और कुवैत के एयरस्पेस यानी हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने से बचें। इन सभी घटनाओं से साफ पता चलता है कि देश में ड्रोन के लिए कड़े नियम बनाना कितना जरूरी हो गया था।