Kuwait News: कुवैत ने गाजा पट्टी पर इसराइली हमलों की कड़ी निंदा की, अंतरराष्ट्रीय समुदाय से की दखल की मांग.

कुवैत ने गाजा पट्टी पर जारी इसराइली सैन्य कार्रवाइयों और हमलों के खिलाफ अपना कड़ा रुख साफ कर दिया है। कुवैत समाचार एजेंसी (KUNA) की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में यह बात सामने आई है कि कुवैत ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। इस ताजा घटनाक्रम से पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गाजा में हो रही हिंसा और गोलाबारी से वहां के हालात बेहद खराब हो गए हैं, जिसे लेकर खाड़ी देशों में चिंता का माहौल है।
गाजा में हमलों से हुआ भारी नुकसान
हाल ही में गाजा पट्टी में हुई हिंसा के दौरान कई बेकसूर लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। पिछले दिनों गाजा सिटी के एक मछुआरे बंदरगाह पर हुए हवाई हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हो गई थी और 14 लोग घायल हुए थे। इसके अलावा इलाके में लगातार तोप से गोलेबारी, ड्रोन उड़ानों और गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। इससे पहले दक्षिणी गाजा पट्टी में हुई एक अन्य घटना में एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई थी और एक बच्चा भी घायल हुआ था। इन तमाम हमलों ने वहां के हालात को और ज्यादा गंभीर बना दिया है, जिसकी पूरी जानकारी KUNA News पर दी गई है।
कुवैत के विदेश मंत्रालय का कड़ा बयान
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने अपनी पिछली बैठकों और बयानों में भी इस बात पर जोर दिया था कि इसराइल लगातार शांति समझौतों और युद्ध समाप्त करने वाले रोडमैप को ठुकरा रहा है। कुवैत का साफ कहना है कि इसराइल जिस तरह से एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी देश के गठन का विरोध कर रहा है, वह अंतरराष्ट्रीय शांति प्रयासों के लिए एक बड़ा झटका है। इस बारे में अधिक जानकारी Qatar News Agency के माध्यम से सामने आई है। कुवैत के अनुसार ये सभी कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव Resolution 2803 और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश की गई व्यापक शांति योजना के खिलाफ हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से नागरिकों की सुरक्षा की गुहार
अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय सिद्धांतों का हवाला देते हुए कुवैत ने दुनिया भर के देशों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तुरंत कदम उठाने की अपील की है। कुवैत ने जोर देकर कहा है कि युद्ध के इस माहौल में आम नागरिकों और मेडिकल यानी चिकित्सा सुविधाओं की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। कुवैत सरकार का यह भी मानना है कि इस पूरे विवाद का स्थायी समाधान तभी निकल सकता है जब फिलिस्तीनी लोगों को आत्मनिर्णय का अधिकार मिले। साथ ही 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य का गठन हो जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम हो। इन सभी मुद्दों पर कुवैत का रुख हमेशा से फिलिस्तीन के पक्ष में मजबूत रहा है।