Kuwait में भारतीय प्रवासियों के लिए नए नियम लागू, वीज़ा फीस और सुरक्षा को लेकर सरकार ने उठाया बड़ा कदम।

कुवैत में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है जहाँ एक तरफ देश में नए इमिग्रेशन नियम लागू कर दिए गए हैं वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। टाइम्स कुवैत की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैत में 10 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं जो इस देश का सबसे बड़ा प्रवासी समूह होने के साथ ही दोनों देशों के बीच एक मजबूत जीवंत रिश्ता भी बनाते हैं। ये सभी लोग कुवैत की कुल आबादी का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा हैं और यहाँ की कुल कार्यबल का एक तिहाई से ज्यादा हिस्सा संभालते हैं। भारतीय लोग स्वास्थ्य सेवा, कंस्ट्रक्शन, शिक्षा, व्यापार, इंजीनियरिंग और हॉस्पिटैलिटी जैसे कई सेक्टर में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं जहाँ पीढ़ियों से लोगों ने अपने करियर और परिवार बसाए हैं। साल 2025-2026 के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक कुवैत में भारतीय कामगारों की कुल संख्या बढ़कर 889,000 से ज्यादा हो गई है।
कुवैत सरकार द्वारा लागू किए गए नए इमिग्रेशन नियम
कुवैत सरकार ने देश की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े इमिग्रेशन सुधार किए हैं जो सीधे तौर पर वहाँ रहने वाले लोगों को प्रभावित कर रहे हैं। गृह मंत्रालय ने 4 अगस्त 2026 से एक नया नियम लागू किया जिसके तहत योग्य विदेशियों को लगभग $485 यानी भारतीय रुपये के हिसाब से फीस देकर अपनी रेजिडेंसी कैटेगरी बदलने की अनुमति मिल गई है। इन बदलावों से पहले साल 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में भी कई नए नियम आए थे जिसमें सभी एंट्री और विजिट वीज़ा पर हर महीने करीब $32 का शुल्क और कुछ खास श्रेणियों के लिए रेजिडेंसी परमिट की अवधि को बढ़ाया जाना शामिल था। इसके अलावा 1 फरवरी 2026 से एक कड़ा छह महीने का रेजिडेंसी नियम भी प्रभावी हुआ जिसके तहत जो विदेशी नागरिक लगातार छह महीने तक कुवैत से बाहर रहते हैं उनकी रेजिडेंसी अपने आप रद्द कर दी जाती है और इसमें बहुत कम छूट दी जाती है। इतना ही नहीं कई लोगों के लिए इक़ामा फीस को दोगुना कर दिया गया है और एक संसदीय समिति द्वारा अनुमोदित प्रस्तावित प्रवासी कोटा बिल के तहत कुवैत की आबादी में भारतीयों को 15 प्रतिशत तक सीमित किया जा सकता है जिससे लगभग 800,000 लोग प्रभावित हो सकते हैं। मार्च 2019 से ही सिविल आईडी को इमिग्रेशन उद्देश्यों के लिए मुख्य दस्तावेज बना दिया गया है जिससे पासपोर्ट में लगने वाले रेजिडेंसी स्टैम्प की जरूरत खत्म हो गई है।
भारतीय दूतावास की तरफ से सुरक्षा को लेकर चेतावनी
नीतिगत बदलावों के इस दौर के बीच भारतीय दूतावास ने 11 अगस्त 2026 को एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की जिसमें सभी भारतीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए पूरी तरह सतर्क रहें और सावधानी बरतें। नागरिकों को यह सलाह दी गई है कि वे कुवैत सरकार की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करें। यह सुरक्षा सलाह 3 जून 2026 को कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए एक हमले के बाद आई है जिसमें एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हो गए थे। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की थी और इस तरह की हरकतों को तुरंत रोकने की मांग की थी। इस पूरी घटना और अपडेट के बारे में विस्तार से पढ़ने के लिए आप News On Air की आधिकारिक रिपोर्ट देख सकते हैं जहाँ इसकी पूरी जानकारी दी गई है।