Kuwait ने किया स्वागत, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब और कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों की की कड़ी निंदा.

Sushma Kumari9 August 20263 min read63 viewsKuwait
Kuwait ने किया स्वागत, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सऊदी अरब और कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों की की कड़ी निंदा.

कुवैत की ओर से एक बड़ा बयान सामने आया है जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस फैसले का स्वागत किया गया है, जिसमें हौथी विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और कमर्शियल शिपिंग पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की गई है। इस संबंध में कुवैत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार, 7 अगस्त 2026 को आए सुरक्षा परिषद के बयान पर अपनी गहरी संतुष्टि और समर्थन जाहिर किया है। कुवैत ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का पूरी तरह से पालन किया जाना बेहद जरूरी है ताकि क्षेत्रीय शांति को बचाया जा सके।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक और मुख्य बिंदु

सुरक्षा परिषद के सदस्यों ने अपनी बैठक में इस बात पर गहरी चिंता जताई कि यमन और पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सुरक्षा परिषद के द्वारा जारी किए गए बयान में विशेष रूप से उन मिसाइल हमलों की निंदा की गई जो 13 जुलाई 2026 के बाद से लगातार सऊदी अरब को निशाना बनाकर दागे जा रहे थे। इसके अलावा, 22 जुलाई 2026 से कमर्शियल जहाजों और समुद्री जहाजों पर हो रहे हमलों को भी अंतरराष्ट्रीय नियमों का खुला उल्लंघन बताया गया। सुरक्षा परिषद ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई कि कैसे 3 जुलाई को सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट और 13 जुलाई 2026 को होदेइदाह एयरपोर्ट पर बिना किसी आधिकारिक अनुमति के ईरान के विमानों की गैरकानूनी लैंडिंग कराई गई। यह सभी हरकतें नागरिक उड्डयन के अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ थीं और यमन की वैध सरकार के अधिकारों का सीधा हनन थीं।

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क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन

यूएन सुरक्षा परिषद ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि हौथी विद्रोहियों की इन हरकतों से पूरे इलाके की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। समुद्र में आने-जाने के अधिकारों और स्वतंत्र नौवहन पर संकट मंडरा रहा है, जिससे यमन में चल रही शांति कोशिशों को भारी झटका लग रहा है। सुरक्षा परिषद ने याद दिलाया कि सभी देशों और संगठनों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करना चाहिए। इसमें विशेष रूप से रेजोल्यूशन 2216 का जिक्र किया गया, जो किसी भी ऐसे प्रतिबंधित संगठन को हथियार सप्लाई करने पर रोक लगाता है जैसे कि हौथी विद्रोही। इसके अलावा, नेविगेशन की स्वतंत्रता से जुड़े रेजोल्यूशन 2722 और 2826 का पालन करने पर भी जोर दिया गया ताकि समुद्र में व्यापारिक जहाज सुरक्षित रह सकें।

सऊदी अरब और कतर का रुख

कुवैत की तरह ही सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के इस बयान का जोरदार स्वागत किया। सऊदी सरकार ने एक बार फिर इस बात को दोहराया कि देश को अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा करने का पूरा अधिकार है। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि यमन की एकता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर, कतर के विदेश मंत्रालय ने भी 9 अगस्त 2026 को एक बयान जारी कर इस फैसले का स्वागत किया और सऊदी अरब के साथ अपनी पूरी एकजुटता दिखाई। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप Saudi Press Agency और Qatar News Agency की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति शांति और सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इस क्षेत्र में स्थिरता रहने से ही सामान्य जनजीवन और व्यापार सुचारू रूप से चल पाता है।

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