Kuwait Harassment Case: कुवैत में अफ्रीकी महिला के साथ हुई बदसलूकी, महिलाओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल और बने नए कानून.

कुवैत में काम करने वाली एक अफ्रीकी मूल की महिला के साथ सड़क पर हुई डराने वाली घटना ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। काम खत्म करके अपने घर लौट रही इस महिला का एक कार सवार शख्स द्वारा लगातार पीछा किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को स्थानीय मीडिया आउटलेट Arab Times ने प्रमुखता से उठाया जिसके बाद महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर से बड़ी बहस छिड़ गई है। जानकारों का कहना है कि अकेली महिला का सड़क पर चलना किसी का आमंत्रण नहीं होता है और देश को महिलाओं के खिलाफ होने वाली हरकतों के प्रति अपनी आंखें खोलनी ही होंगी।
कुवैत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए नए नियम और कानूनी बदलाव
इस तरह की घटनाओं के सामने आने के बीच कुवैत सरकार महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करने और हिंसा को रोकने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। देश में हाल ही में घरेलू हिंसा से सुरक्षा के लिए Decree No. 11 of 2026 को लागू किया गया है। इस नए कानून ने पुराने कानून यानी No. 16 of 2020 की जगह ली है ताकि महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, यौन और आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए और अधिक मजबूत सुरक्षा कवच मिल सके। इस नए कानून के तहत नियमों तोड़ने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान किया गया है और पीड़ितों के रहने के लिए विशेष आश्रय स्थल यानी शेल्टर भी बनाए गए हैं। इसके अलावा कुवैत ने 'ऑनर किलिंग' से जुड़े कानून को भी खत्म कर दिया है जिसे लैंगिक समानता की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक साल 2026 के पहले छह महीनों में कुवैत के पब्लिक प्रॉसिक्यूशन में दर्ज होने वाले मारपीट के मामलों में 53.2 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है और ये मामले 607 से घटकर सीधे 284 पर आ गए हैं।
पब्लिक प्लेस पर सुरक्षा को लेकर अभी भी बाकी हैं चुनौतियां
इतने सारे बदलाव होने के बावजूद महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ने वाले कार्यकर्ताओं और सांसदों का मानना है कि सार्वजनिक जगहों पर होने वाली छेड़खानी और उत्पीड़न को रोकने के लिए अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। जुलाई 2026 में सांसद Abdulaziz al-Saqobi ने यौन उत्पीड़न को अपराध की श्रेणी में लाने के लिए एक नए कानून का प्रस्ताव रखा था क्योंकि कुवैत में सार्वजनिक स्थानों या गाड़ियों में होने वाली छेड़खानी के खिलाफ अभी तक कोई खास कानून मौजूद नहीं है। वकील Samara Iqbal जैसे कानूनी विशेषज्ञ नए घरेलू हिंसा कानून के तहत अधिकारियों की रिपोर्टिंग करने की जिम्मेदारी पर जोर दे रहे हैं। इसके साथ ही Lan Asket जैसे समूह लगातार देश भर की महिलाओं के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाने की मांग कर रहे हैं ताकि हर कोई बिना किसी डर के जी सके।