Dubai Airport Update: दुबई के अल मक्तूम एयरपोर्ट पर बनेगा नया ऑटोमेटेड पीपल मूवर सिस्टम, एलएंडटी को मिला बड़ा प्रोजेक्ट.

दुबई के अल मक्तूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दुनिया का सबसे बड़ा एविएशन हब बनाने की तैयारी तेजी से चल रही है। इसी कड़ी में भारत की दिग्गज इंजीनियरिंग कंपनी Larsen & Toubro (L&T) को जापान की कंपनी Mitsubishi Heavy Industries (MHI) के साथ मिलकर एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट के तहत एयरपोर्ट के फेज 1 के लिए ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) सिस्टम डिजाइन और तैयार किया जाएगा। यह डील भारत और जापान की इंजीनियरिंग क्षमता को दुनिया के सामने पेश करती है। इस प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है।
प्रोजेक्ट की लागत और समय सीमा
दुबई एविएशन इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स द्वारा दिए गए इस ऑर्डर की कीमत Rs 2,500 करोड़ से Rs 5,000 करोड़ के बीच यानी लगभग $261 मिलियन से $522 मिलियन है। इस बड़े प्रोजेक्ट के तहत लगभग 50 किलोमीटर लंबा ट्रैक बनाया जाएगा, जो एयरपोर्ट पर नौ स्टेशनों को आपस में जोड़ेगा। इस रूट पर कुल 165 ऑटोमेटेड गाड़ियां चलाई जाएंगी। इस पूरे एपीएम सिस्टम को पूरा करने का लक्ष्य दिसंबर 2031 तय किया गया है, जिसके बाद एयरपोर्ट के पहले चरण को 2032 में आम लोगों के लिए खोलने की योजना है।
किसकी क्या होगी जिम्मेदारी
इस प्रोजेक्ट को सही तरीके से पूरा करने के लिए दोनों कंपनियों ने काम को आपस में बांट लिया है। भारतीय कंपनी L&T मुख्य रूप से डिजाइन, सामान की खरीद, डिलीवरी और जरूरी सबसिस्टम्स को आपस में जोड़ने का काम संभालेगी। वहीं जापानी कंपनी Mitsubishi Heavy Industries गाड़ियों के डिजाइन, सिग्नलिंग सिस्टम और पूरे सिस्टम को आपस में मिलाकर टेस्ट करने की जिम्मेदारी उठाएगी। L&T के ट्रांसपोर्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर के हेड रामकुमार एस ने बताया कि यह प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक और बेहतरीन इंजीनियरिंग का एक शानदार मेल है।
एयरपोर्ट की भविष्य की क्षमता
अल मक्तूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह विस्तार काम पूरा होने के बाद दुनिया भर में हवाई यात्रा और कार्गो के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचेगा। इस एयरपोर्ट की कुल क्षमता भविष्य में हर साल लगभग 260 मिलियन यात्रियों और 12 मिलियन टन फ्रेट यानी सामान को संभालने की होगी। पहले चरण के काम में वेस्ट टर्मिनल, concourse 1 और लोगों को लाने ले जाने वाला पीपल मूवर सिस्टम शामिल है। इस प्रोजेक्ट को Dubai Aviation City Corporation की देखरेख में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे दुबई की कनेक्टिविटी पूरी दुनिया में और मजबूत होगी।
प्रवासी भारतीयों के लिए महत्व
दुबई में होने वाले इन बड़े विकास कार्यों का सीधा फायदा वहां रहने वाले और काम करने वाले लाखों प्रवासियों को मिलेगा। जब दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनकर तैयार होगा, तो रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और यात्रा करना भी आसान हो जाएगा। भारतीय इंजीनियरिंग कंपनियों का इस स्तर पर काम करना यह साबित करता है कि भारत के हुनरमंद लोग विदेश में भी अपनी मजबूत छाप छोड़ रहे हैं। गल्फ देशों में काम करने वाले भारतीयों के लिए ऐसे प्रोजेक्ट्स गर्व की बात हैं क्योंकि इससे भारत और खाड़ी देशों के संबंध और अधिक प्रगाढ़ होते हैं।