Mali News: माली के राष्ट्रपति ने फ्रांसीसी नागरिक को दी माफी, अस्थिरता की साजिश में हुई थी 20 साल की जेल.

माली के राष्ट्रपति असिमी गोइता ने देश में बड़ा फैसला लेते हुए एक फ्रांसीसी नागरिक को माफ कर दिया है। इस फ्रांसीसी नागरिक पर देश की सरकार को अस्थिर करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगा था और इसी मामले में उसे इसी साल जून के महीने में 20 साल की लंबी जेल की सजा सुनाई गई थी। माली सरकार की तरफ से इस बात की आधिकारिक जानकारी गुरुवार को एक बयान जारी करके दी गई है, जिसके बाद से यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई थी सजा
माली सरकार ने कुछ समय पहले यह आरोप लगाया था कि इस फ्रांसीसी नागरिक, जिनका नाम यैन वेजिलिए है, ने पिछले साल फ्रांसीसी खुफिया एजेंसियों के इशारे पर देश की हुकूमत को पलटने और अस्थिर करने की साजिश में अपनी अहम भूमिका निभाई थी। सरकार का ऐसा मानना था कि बाहरी ताकतों के जरिए देश के अंदरूनी मामलों में दखल दिया जा रहा है, जिससे शांति व्यवस्था खतरे में पड़ रही है। हालांकि दूसरी तरफ, फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने शुरू से ही इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया था। फ्रांस का यह कहना था कि यैन वेजिलिए किसी भी तरह की साजिश में शामिल नहीं थे, बल्कि वे वहां एक तयशुदा सुरक्षा सहयोग मिशन के तहत पूरी ईमानदारी से काम कर रहे थे। फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय की तरफ से इस ताजा माफी के बाद फिलहाल कोई भी नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
माली सरकार का स्पष्टीकरण और तुरंत देश छोड़ने का आदेश
माली सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता के हस्ताक्षर वाले बयान में यह साफ-साफ बताया गया है कि राष्ट्रपति द्वारा दी गई इस माफी का यह बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि अदालत द्वारा तय किए गए तथ्यों या फैसले पर कोई सवालिया निशान लगाया जा रहा है। बयान के मुताबिक, यैन वेजिलिए पर मुकदमा पूरी तरह से निष्पक्ष तरीके से चलाया गया था और अदालत ने सभी सबूतों को देखने के बाद ही उन्हें दोषी करार दिया था। इस पूरी न्यायिक प्रक्रिया में सरकार या राष्ट्रपति की तरफ से किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया था। न्यायपालिका ने कानून के मुताबिक ही अपना काम किया था। हालांकि राष्ट्रपति ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें माफी जरूर दे दी है, लेकिन इसके साथ ही यह कड़ा आदेश भी जारी किया गया है कि वेजिलिए को बिना किसी देरी के तुरंत माली छोड़कर जाना होगा। उन्हें देश से बाहर जाने का निर्देश दे दिया गया है ताकि आगे किसी भी तरह की प्रशासनिक या कूटनीतिक समस्या पैदा न हो सके।