Mali: माली के राष्ट्रपति का बड़ा फैसला, अस्थिरता की साजिश में जेल की सजा काट रहे फ्रांसीसी नागरिक को दी माफी.

Aanya16 August 20262 min read72 viewsWorld
Mali: माली के राष्ट्रपति का बड़ा फैसला, अस्थिरता की साजिश में जेल की सजा काट रहे फ्रांसीसी नागरिक को दी माफी.

माली के राष्ट्रपति असिमी गोइता ने देश की राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था को अस्थिर करने की कथित साजिश में शामिल होने के मामले में जेल की सजा काट रहे एक फ्रांसीसी नागरिक को माफ कर दिया है। इस फैसले के बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले की चर्चा फिर से तेज हो गई है क्योंकि इस शख्स को कुछ महीने पहले ही भारी सजा सुनाई गई थी। माली सरकार की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया गया है जिसमें पूरी स्थिति साफ की गई है और यह बताया गया है कि यह कदम क्यों उठाया गया है।

अस्थिरता की साजिश का मामला और सजा

माली सरकार ने इस साल जून के महीने में फ्रांसीसी नागरिक यैन वेजिलिए को देश की शांति भंग करने और अस्थिरता फैलाने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए उन्हें 20 साल की जेल की सजा सुनाई थी। माली प्रशासन का यह कड़ा रुख देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर काफी चर्चा में रहा था और सरकार ने इस पर पूरी सख्ती दिखाई थी।

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फ्रांस सरकार का पक्ष और आधिकारिक बयान

इस पूरे मामले पर पहले फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने माली सरकार के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। फ्रांसीसी पक्ष का कहना था कि यैन वेजिलिए किसी भी साजिश का हिस्सा नहीं थे बल्कि वे एक वैध सुरक्षा सहयोग मिशन के तहत वहां अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। हालांकि, माली सरकार द्वारा जारी किए गए ताजा बयान में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रपति की ओर से दी गई इस माफी का यह बिल्कुल मतलब नहीं है कि अदालत द्वारा तय किए गए तथ्यों पर कोई सवाल उठाया जा रहा है। सरकार का यह भी कहना है कि मुकदमे की प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष थी और इसमें किसी भी तरह का बाहरी हस्तक्षेप नहीं किया गया था।

रिहाई के बाद तुरंत देश छोड़ने का आदेश

राष्ट्रपति की माफी मिलने के बावजूद यैन वेजिलिए के लिए माली में रुकना संभव नहीं होगा। सरकार के आदेश के मुताबिक उन्हें तुरंत प्रभाव से माली छोड़ने का आदेश दिया गया है ताकि किसी भी तरह की कूटनीतिक या सुरक्षा संबंधी अनिश्चितता से बचा जा सके। इस पूरी कार्रवाई के बाद फ्रांस के विदेश मंत्रालय की तरफ से फिलहाल कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन स्थानीय प्रशासन ने अपनी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।

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