Mecca Defence Agreement: सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हुआ नया रक्षा समझौता, पूर्व पीएम मॉरिसन ने दुनिया पर पड़े असर को लेकर कही बड़ी बात

ऑस्टेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री Scott Morrison ने हाल ही में सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच साइन हुए Mecca Defence Agreement को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि यह समझौता इस बात का संकेत है कि दुनिया अब धीरे-धीरे एकतरफा हुकूमत से हटकर कई देशों की साझेदारी यानी बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। यह नया सुरक्षा समझौता 7 अगस्त 2026 को साइन किया गया था, जिसके तहत सभी देशों ने एक-दूसरे की रक्षा करने का फैसला किया है। इस समझौते का मतलब है कि अगर किसी एक देश पर हमला होता है, तो उसे तीनों देशों पर हमला माना जाएगा। इस समझौते के बाद से पूरी दुनिया में चर्चाएं तेज हो गईं हैं और इसके आर्थिक असर भी सामने आने लगे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने बताया कि इस समझौते के कारण इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक दबाव बढ़ सकता है और लोगों को महंगे ईंधन का सामना करना पड़ सकता है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी आप ANI News पर देख सकते हैं।
समझौते को लेकर भारत की कड़ी नजर और सुरक्षा चिंताएं
इस समझौते में शामिल देशों का कहना है कि यह केवल रक्षा के लिए है और इसमें दूसरे क्षेत्रीय देश भी शामिल हो सकते हैं। लेकिन इसके बावजूद इस नए घटनाक्रम से भारतीय अधिकारियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। भारत के Ministry of External Affairs ने यह पुष्टि की है कि वे इस समझौते पर पूरी नजर बनाए हुए हैं ताकि देश की सुरक्षा और क्षेत्र में शांति बनी रहे। इस बारे में अधिक जानकारी ANI News Asia रिपोर्ट में दी गई है। भारत के पूर्व राजनयिक Surendra Kumar ने भी चेतावनी दी है कि इस समझौते पर बहुत सावधानी से नजर रखने की जरूरत है। इस समझौते के तहत सऊदी अरब में एक पर्मानेंट सचिवालय बनाया जाएगा और दोनों देशों की सेनाएं मिलकर काम करेंगी, जिससे क्षेत्रीय राजनीति में पाकिस्तान द्वारा इसका गलत इस्तेमाल किए जाने का खतरा बना हुआ है।