बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति चुने गए मिर्जा फखरुल, जानिए कौन हैं देश के 23वें राष्ट्रपति जो कल लेंगे शपथ.

बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP के उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को देश का नया राष्ट्रपति चुन लिया गया है। यह चुनाव देश की राजधानी ढाका में संसद के कक्ष में हुआ, जहां उन्होंने अपने एकमात्र प्रतिद्वंद्वी को भारी अंतर से मात दी। खास बात यह है कि देश में लंबे समय बाद राष्ट्रपति पद के लिए मुकाबला देखने को मिला है, क्योंकि पिछले कई दशकों से राष्ट्रपति निर्विरोध चुने जाते रहे हैं।
चुनाव में किसे मिले कितने वोट
सरकारी न्यूज एजेंसी BSS की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव अधिकारी एएमएम नासिर उद्दीन ने मतदान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संसद भवन में आधिकारिक रूप से चुनाव परिणामों की घोषणा की। इस चुनाव में कुल 349 पंजीकृत वोटर यानी सांसद थे, जिनमें से 343 बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया। राष्ट्रपति पद के चुनाव में छह सांसदों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं किया।
चुनाव में BNP उम्मीदवार मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को कुल 255 वोट मिले। वहीं उनके खिलाफ खड़े जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन के उम्मीदवार कर्नल (रि.) ओली अहमद को मात्र 88 वोटों से संतोष करना पड़ा। इस तरह मिर्जा फखरुल ने बड़े अंतर से जीत हासिल कर देश की बागडोर अपने हाथ में ले ली है।
दोपहर के समय हुई ओपन बैलेट से वोटिंग
चुनाव प्रक्रिया के तहत दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया गया। सांसदों ने देश के 23वें राष्ट्रपति को चुनने के लिए ओपन बैलेट के जरिए अपने वोट डाले। मतदान की शुरुआत में कार्यवाहक राष्ट्रपति हफीज उद्दीन अहमद और कार्यवाहक स्पीकर बैरिस्टर कैसर कमाल ने दोपहर 2:10 बजे अपना वोट डाला। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान और नए राष्ट्रपति चुने गए मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने दोपहर 2:11 बजे मतदान किया।
वोटिंग शुरू होने से ठीक पहले मुख्य चुनाव आयुक्त नासिर उद्दीन ने दोनों उम्मीदवारों के नामों की आधिकारिक घोषणा की और सदन में मौजूद सांसदों को वोटिंग की पूरी प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बैलेट पेपर को सही तरीके से बैलेट बॉक्स में डालने का तरीका बताया। बांग्लादेश की कुल 350 सदस्यीय संसद में एक सीट पहले से खाली थी, जिसके चलते कुल मतदाताओं की संख्या 349 ही थी।
शुक्रवार को होगी शपथ ग्रहण की रस्म
चुनावी नतीजे सामने आने के बाद BNP पार्टी की तरफ से जानकारी दी गई है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर आगामी 21 अगस्त यानी शुक्रवार की शाम को ऐतिहासिक बंगभवन में राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। यह शपथ ग्रहण समारोह देश के राजनीतिक गलियारों में काफी अहम माना जा रहा है।
इतिहास में लंबे समय बाद हुआ मुकाबला
आपको बता दें कि बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए आखिरी बार चुनावी मुकाबला 8 अक्टूबर 1991 को हुआ था। उस समय BNP के उम्मीदवार अब्दुर रहमान बिस्वास ने अवामी लीग के उम्मीदवार बदरुल हैदर चौधरी को हराकर देश के 11वें राष्ट्रपति का पद संभाला था। उस चुनाव में अब्दुर रहमान बिस्वास को 172 और बदरुल हैदर चौधरी को 92 वोट मिले थे। उसके बाद के सभी राष्ट्रपतियों के चुनाव में किसी भी प्रकार की वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ी थी, क्योंकि हर बार मैदान में केवल एक ही उम्मीदवार होने के कारण वे निर्विरोध चुने जाते रहे हैं।
क्यों पड़ी इस चुनाव की जरूरत
देश के पिछले राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने बीते 24 जुलाई को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद स्पीकर हफीज उद्दीन अहमद ने कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभाला था। देश के संविधान के अनुच्छेद 123(2) के नियमों के मुताबिक, यदि किसी कारण से राष्ट्रपति का पद खाली होता है, तो उस पद को भरने के लिए ठीक 90 दिनों के भीतर नए सिरे से चुनाव कराना कानूनी रूप से अनिवार्य होता है। इसी नियम का पालन करते हुए यह चुनाव कराया गया है।