बंगाल की खाड़ी में डूबा मालवाहक जहाज, 22 क्रू मेंबर की तलाश जारी, भारत-श्रीलंका का रेस्क्यू ऑपरेशन तेज.

Nura Basta23 August 20263 min read74 viewsIndia
बंगाल की खाड़ी में डूबा मालवाहक जहाज, 22 क्रू मेंबर की तलाश जारी, भारत-श्रीलंका का रेस्क्यू ऑपरेशन तेज.

बंगाल की खाड़ी में एक बड़ा समुद्री हादसा सामने आया है, जहां पनामा के झंडे वाला बल्क कैरियर MV Ocean Winner अचानक डूब गया। इस भयानक हादसे के बाद से जहाज पर सवार 22 क्रू मेंबर अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए युद्धस्तर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इस दुखद घटना ने समुद्र में सफर करने वाले लोगों और उनके परिवारों की चिंता को काफी बढ़ा दिया है, खासकर तब जब लापता लोगों में कई देशों के नागरिक शामिल हैं।

कहाँ से चला था जहाज और क्या था लोड

यह बड़ा मालवाहक जहाज भारत के Paradip Port से 20 अगस्त 2026 को रवाना हुआ था। जहाज के अंदर लगभग 72,100 टन आयरन ओर फाइन्स (लोह अयस्क) लदा हुआ था और इसे सिंगापुर पहुंचना था। सफर के दौरान ही जहाज को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और यह 21 अगस्त को एक तरफ झुक गया था। इसके बाद 22 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:48 बजे श्रीलंका के श्री विजय पुरम स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को जहाज से डिस्ट्रेस अलर्ट यानी खतरे का संदेश मिला। हैरानी की बात यह रही कि संदेश मिलने के मात्र आठ मिनट के भीतर ही यह विशाल जहाज समंदर में समा गया।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

कितने लोग थे सवार और अब तक कितनों को बचाया गया

हादसे के वक्त जहाज पर कुल 24 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 20 चीनी नागरिक, 3 म्यांमार के नागरिक और 1 बांग्लादेशी नागरिक शामिल था। गनीमत यह रही कि अधिकारियों की सूझबूझ से एक कमर्शियल जहाज MT Aisopos को तुरंत मौके पर भेजा गया। इस कमर्शियल जहाज की मदद से शनिवार की रात करीब 8 बजे दो अलग-अलग लाइफ राफ्ट से दो लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। हालांकि, बाकी बचे 22 लोगों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल संभाल रहे हैं मोर्चा

घटना की गंभीरता को देखते हुए भारतीय अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लिया। इंडियन कोस्ट गार्ड के प्रवक्ता कमांडेंट अमित उनियाल ने मीडिया को जानकारी दी कि भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल मिलकर इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दे रहे हैं। दुर्घटना स्थल विशाखापत्तनम से लगभग 700 किलोमीटर पूर्व और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ईस्ट आइलैंड लाइटहाउस से 310 नॉटिकल मील दूर बताया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस इलाके में अपने जहाज Varad, Anmol और Vijit के साथ-साथ नौसेना के विमानों को भी तैनात कर दिया है।

अधिकारियों की क्या है राय और आगे की जांच

भारत के मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन के डायरेक्टर जनरल श्याम जगनाथन ने इस मामले पर बात करते हुए बताया कि हादसे के 12 घंटे बाद जीवित बचने की संभावना बहुत कम हो जाती है, फिर भी बचाव दल पूरी शिद्दत के साथ बाकी के 22 क्रू मेंबर की तलाश में जुटा हुआ है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, wam.ae के हवाले से अधिकारी इस बात की भी गहराई से जांच कर रहे हैं कि आखिर यह हादसा किन कारणों से हुआ। इसमें जहाज में आई कोई तकनीकी खराबी या फिर ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ी शामिल हो सकती है।

Share:

Comments

Leave a comment