Saudi Arabia पर हouthi मिलिशिया के हमलों पर UN की कड़ी निंदा, MWL और खाड़ी देशों ने किया फैसले का स्वागत.

रियाध में मुस्लिम वर्ल्ड लीग और कई अरब देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस बयान का पुरजोर समर्थन किया है जिसमें सऊदी अरब और कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की गई है। इस हालिया बयान के सामने आने के बाद से पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनाए रखने को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं हैं। आम लोग और प्रवासी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कैसे लगातार हो रहे इन हमलों से समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र के इस कदम को क्षेत्र में शांति बहाल करने की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है।
मुस्लिम वर्ल्ड लीग का बड़ा बयान और समर्थन
मुस्लिम वर्ल्ड लीग के महासचिव Sheikh Dr. Mohammed Al-Issa ने 7 August को आए इस बयान का स्वागत किया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी पक्षों को सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों, खासकर Resolution 2216 का पूरी तरह से पालन करना चाहिए। उन्होंने यमन की संप्रभुता का सम्मान करने और क्षेत्रीय सुरक्षा तथा समुद्री नेविगेशन को खतरे में डालने वाले बयानों और हरकतों को खारिज करने की बात कही है। उन्होंने सऊदी अरब के साथ पूरी एकजुटता दिखाते हुए कहा कि किंगडम अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की रक्षा के लिए जो भी कदम उठा रहा है, लीग उसका पूरा समर्थन करती है। इसके साथ ही यमन में वैध सरकार और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को भी समर्थन देने की बात दोहराई गई है ताकि वहां शांति और स्थिरता आ सके।
कुवैत, जॉर्डन और बहरीन का रुख
कुवैत, जॉर्डन और बहरीन के विदेश मंत्रालयों ने भी अलग-अलग बयान जारी कर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के इस फैसले का स्वागत किया है। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय कानून और प्रासंगिक सुरक्षा परिषद प्रस्तावों के पालन पर जोर दिया है। जॉर्डन ने साफ किया कि क्षेत्र की सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने वाली किसी भी कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बहरीन ने भी अपने बयान में कहा कि सऊदी अरब की सुरक्षा और स्थिरता सीधे तौर पर बहरीन और बाकी खाड़ी देशों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। इन सभी देशों ने सऊदी अरब के साथ खड़े होने की बात कही है और स्पष्ट किया है कि वे किंगडम की संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं।