जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने नागासाकी और हिरोशिमा का किया दौरा, मृतकों को दी श्रद्धांजलि.

जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक ने नागासाकी पर हुए परमाणु बम हमले की 81वीं बरसी से पहले शनिवार को विस्फोट के केंद्र का दौरा किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने नागासाकी परमाणु बम संग्रहालय का भी दौरा किया और वहां पर परमाणु हमले से हुई भारी तबाही को बहुत करीब से समझने का पूरा प्रयास किया। भारत के फुकुओका स्थित वाणिज्य दूतावास के अनुसार, राजदूत मलिक ने उस ऐतिहासिक स्थान पर पहुंचकर उन सभी बेकसूर लोगों की स्मृति को नमन किया, जिन्होंने साल 1945 के उस भयानक परमाणु हमले में अपनी जान गंवाई थी। उन्होंने यह गहरी कामना की कि नागासाकी दुनिया का आखिरी ऐसा शहर साबित हो, जिसे कभी भी परमाणु बम की इतनी भयानक तबाही और भयावहता को झेलना पड़ा हो।
जापानी अधिकारियों से हुई खास मुलाकात
अपनी इस यात्रा के दौरान भारतीय राजदूत ने नागासाकी शहर के मेयर शिरो सुजुकी और नागासाकी प्रांत के गवर्नर केन शिराता से भी मुलाकात की। यह महत्वपूर्ण मुलाकात नागासाकी शांति स्मारक समारोह के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच आपसी मामलों और शांति स्थापना को लेकर चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन के कई अन्य बड़े अधिकारी भी मौजूद रहे जिन्होंने भारत के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार जताया।
हिरोशिमा में महात्मा गांधी की प्रतिमा को किया नमन
इस दौरे से ठीक एक दिन पहले राजदूत नगमा मलिक ने हिरोशिमा पहुंचकर वहां स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की थी। हिरोशिमा शांति स्मारक समारोह से पहले आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में शहर के मेयर काजुमी मात्सुई, हिरोशिमा प्रीफेक्चरल असेंबली के अध्यक्ष ताकाशी नाकामोटो, कई सांसदों, भारत-जापान मैत्री संगठन के प्रतिनिधियों और जापान में रह रहे भारतीय समुदाय के तमाम सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान सभी ने मिलकर विश्व शांति के लिए महात्मा गांधी के विचारों को याद किया और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराया।
शांति के संदेश को जीवन में उतारने पर जोर
इस खास अवसर पर भारतीय राजदूत ने महात्मा गांधी के शांति संदेश को बहुत गहराई से याद करते हुए कहा कि शांति केवल किसी एक मंजिल तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि इसे हर इंसान को अपने दैनिक जीवन में पूरी तरह अपनाने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान हिरोशिमा के मेयर काजुमी मात्सुई ने भी दुनिया भर में चल रहे तमाम संघर्षों और युद्धों पर गहरी चिंता जताई और पूरी दुनिया में स्थायी शांति बनाए रखने की सख्त आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं दूसरी ओर, प्रीफेक्चरल असेंबली के अध्यक्ष ताकाशी नाकामोटो ने अपने संबोधन में कहा कि पूरी मानवता को विश्व भर में स्थायी और मजबूत शांति स्थापित करने के लिए लगातार और बिना रुके प्रयास करते रहना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को युद्ध की विभीषिका न देखनी पड़े। इस पूरी यात्रा से भारत और जापान के बीच आपसी रिश्ते और अधिक मजबूत हुए हैं तथा विश्व शांति का संदेश दूर-दूर तक पहुंचा है।