नेपाल में हुई साम्प्रदायिक हिंसा की जांच रिपोर्ट गृह मंत्री को सौंपी गई, अधिकारियों ने दी पूरी जानकारी.

नेपाल के विभिन्न हिस्सों में हाल ही में हुई साम्प्रदायिक हिंसा की घटनाओं को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और जांच समितियों ने अपनी रिपोर्ट आधिकारिक तौर पर सौंप दी है। नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज और सिरहा के गोलबाजार में हुए दंगों की सच्चाई सामने लाने के लिए सरकार ने विशेष समितियों का गठन किया था जिन्होंने अब अपनी रिपोर्ट गृह मंत्री को सौंप दी है। इन घटनाओं में कई लोगों की जान चली गई थी और पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
कप्तानगंज और गोलबाजार की घटना का पूरा विवरण
प्राप्त जानकारी के अनुसार देवानगंज गांवपालिका के कप्तानगंज इलाके में हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच 26 जुलाई को एक बड़ी झड़प हुई थी जिसका असर देखते ही देखते आसपास के मधेस प्रदेश तक फैल गया था। इस हिंसा के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि सुरक्षा बलों को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी। कप्तानगंज में हुई इस हिंसक झड़प के दौरान गोलीबारी में तीन लोगों की मौत हो गई थी जिनकी पहचान 30 वर्षीय ओमप्रकाश मेहता, 20 वर्षीय जयप्रकाश मेहता और 22 वर्षीय रवीन्द्र मेहता के रूप में हुई थी जो सभी कप्तानगंज के ही रहने वाले थे।
दूसरी ओर सिरहा जिले के गोलबाजार में भी हालात तनावपूर्ण हो गए थे जहां प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भीड़ के बीच हुई झड़प में 18 वर्षीय गणेश यादव की जान चली गई थी। इन दोनों अलग-अलग जगहों पर हुई हिंसक घटनाओं के बाद नेपाल सरकार ने तुरंत प्रभाव से अलग-अलग जांच समितियों का गठन किया था। इन समितियों ने मौके पर जाकर स्थलगत अध्ययन किया और स्थानीय लोगों तथा प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर पूरी रिपोर्ट तैयार की है।
गृह मंत्रालय को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
गृह मंत्रालय के प्रवक्ता एवं सहसचिव आनंद काफ्ले ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दोनों जांच समितियों ने मंगलवार को देश के गृह मंत्री सुदन गुरुंग को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों समितियों की जांच रिपोर्ट अब विभाग के पास आ चुकी है और इसमें दिए गए सभी मुख्य निष्कर्षों तथा सिफारिशों का बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और दोषियों पर नियम अनुसार कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार कप्तानगंज की घटना की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच का जिम्मा गृह मंत्रालय के सहसचिव भूपेन्द्र थापा के नेतृत्व वाली समिति को सौंपा गया था। वहीं दूसरी ओर सिरहा के गोलबाजार में हुई हिंसक घटना की जांच गृह मंत्रालय के ही एक अन्य सहसचिव पुष्पराज शाही के नेतृत्व में गठित समिति ने पूरी की। दोनों समितियों ने अपनी-अपनी जांच पूरी करने के बाद सभी महत्वपूर्ण सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है जिस पर अब आगे की प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पूरी खबर की विस्तृत जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है।