नेपाल की राजनीति में भूचाल, महाधिवेशन रुकवाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे निवर्तमान अध्यक्ष देउवा.

पड़ोसी देश नेपाल की राजनीति से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां नेपाली कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रहा विवाद अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। नेपाली कांग्रेस के निवर्तमान अध्यक्ष शेरबहादुर देउवा ने पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष गगन थापा के आह्वान पर बुलाए गए पार्टी के महाधिवेशन को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की मांग की है। इस संबंध में देउवा की ओर से सर्वोच्च अदालत में एक याचिका दायर की गई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। पार्टी के भीतर नेतृत्व और अधिकार को लेकर चल रही खींचतान अब कानूनी लड़ाई का रूप ले चुकी है, जिस पर आम लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों की भी नजरें टिकी हुई हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दर्ज हुई अलग-अलग पूरक याचिकाएं
मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में केवल शेरबहादुर देउवा ही नहीं, बल्कि उनके साथ निवर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष पूर्णबहादुर खड़का की ओर से भी अलग-अलग पूरक याचिकाएं सर्वोच्च अदालत में दर्ज कराई गई हैं। अदालत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, देउवा के प्रतिनिधि यानी वारिस के रूप में कांग्रेस नेता दीपक खड़का और खड़का के प्रतिनिधि के रूप में अधिवक्ता श्रवण कुमार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचकर महाधिवेशन की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग करते हुए ये पूरक याचिकाएं पेश की हैं। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक प्रवक्ता अर्जुनप्रसाद कोइराला ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी याचिकाओं को अदालत द्वारा दर्ज कर लिया गया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
याचिकाओं में विशेष महाधिवेशन को तुरंत रोकने की मांग
सुप्रीम कोर्ट के प्रवक्ता अर्जुनप्रसाद कोइराला ने आगे बताया कि देउवा और खड़का दोनों की ही याचिकाओं में इस बात पर जोर दिया गया है कि विशेष महाधिवेशन की प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से रोका जाए। अदालत ने इस रिट यानी याचिका पर सुनवाई के लिए आगामी 11 तारीख तय की है। कांग्रेस की आधिकारिकता और नेतृत्व को अपडेट करने से जुड़े इस पूरे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआत से ही मामले की सुनवाई करने की अनुमति दे दी है, जिससे आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर का यह घमासान और अधिक गहरा सकता है। इस मामले की विस्तृत जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार की रिपोर्ट देख सकते हैं।