नेपाल में विदेशी बैंकों की संपत्ति जांच के लिए उठे सवाल, विशेष टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव.

Nura Basta20 August 20263 min read78 viewsWorld
नेपाल में विदेशी बैंकों की संपत्ति जांच के लिए उठे सवाल, विशेष टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव.

पड़ोसी देश नेपाल में राजनीति और शासन व्यवस्था के गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहाँ विदेशी बैंकों में जमा नेपाली नागरिकों के धन को लेकर एक नया कदम उठाने की मांग की गई है। नेपाल के एक सांसद ने देश के उच्च पदस्थ लोगों द्वारा विदेशों में जमा किए गए धन और संपत्ति का पता लगाने के लिए एक खास टास्क फोर्स बनाने का बड़ा प्रस्ताव संसद के सामने रखा है। इस मामले को लेकर देश की संसद में खुलकर चर्चा हुई है और सरकार से यह अपील की गई है कि वह इस दिशा में तुरंत और सख्त कदम उठाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

काठमांडू में गत 20 अगस्त को प्रतिनिधि सभा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इसी बैठक के दौरान नेपाली कांग्रेस के सांसद अर्जुन नरसिंह केसी ने आधिकारिक रूप से यह प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा। उन्होंने सरकार का ध्यान इस बात की तरफ खींचा कि देश के कई बड़े और उच्च पदस्थ लोगों की संपत्ति दुनिया के अलग-अलग देशों में मौजूद है और आशंका जताई जा रही है कि इसमें से काफी सारा धन अवैध तरीके से बाहर भेजा गया है। सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि इस छिपे हुए और संभावित काले धन की खोजबीन के लिए एक विशेष जांच तंत्र का होना बेहद जरूरी है ताकि सच सामने आ सके।

बांग्लादेश का उदाहरण देकर की गई मांग

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अपनी बात को मजबूती देने के लिए सांसद अर्जुन नरसिंह केसी ने हाल ही में पड़ोसी देश बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन का खास तौर पर हवाला दिया। उन्होंने बताया कि वहां किस तरह से सत्ता बदलने के बाद नए प्रशासन ने अपने देश के सभी उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों और नेताओं की विदेशी संपत्तियों की जांच शुरू कर दी थी। इसके लिए बांग्लादेश की तरफ से दुनिया भर के विभिन्न बैंकों को आधिकारिक पत्र भी भेजे गए थे ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसका पैसा कहां और किस बैंक में जमा है। सांसद का कहना था कि नेपाल को भी बिल्कुल इसी तर्ज पर आगे बढ़ने की जरूरत है ताकि देश का डूबा या बाहर गया पैसा वापस लाया जा सके।

भ्रष्टाचार जांच आयोग और नेपाल राष्ट्र बैंक की भूमिका

संसद में अपनी बात रखते हुए सांसद केसी ने सीधा सवाल उठाया कि क्या देश का भ्रष्टाचार जांच आयोग हमारे केंद्रीय बैंक यानी नेपाल राष्ट्र बैंक के साथ मिलकर कोई विशेष समन्वय स्थापित कर सकता है। उन्होंने कहा कि क्या ये दोनों मिलकर देश के बाहर होने वाले भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच के लिए कोई अलग से आयोग या तंत्र तैयार कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस तरह का बड़ा कदम उठाने के लिए शायद अभी राजनीतिक स्तर पर पूरा साहस या इच्छाशक्ति नहीं जुटाई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने यह प्रस्ताव विधिवत रूप से रख दिया है ताकि इस पर गंभीरता से विचार किया जाए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय देश के भीतर से ज्यादा भ्रष्टाचार देश की सीमाओं के बाहर हो रहा है। पैसों का लेन-देन और पहचान से जुड़ी सूचनाओं को छिपाने के खेल को बहुत ही गहराई से देखे जाने की आवश्यकता है। उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि इस खेल में कौन-कौन लोग शामिल हैं, वे अभी किसी का व्यक्तिगत नाम लेकर उस दिशा में नहीं जाना चाहते हैं। लेकिन उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया कि आज के समय में सिंगापुर, कंबोडिया और स्विट्जरलैंड के प्रसिद्ध स्विस बैंक से लेकर दुनिया के अन्य कोनों में नेपाली पैसा होने की बातें लगातार सामने आ रही हैं। इस पूरी जानकारी का मुख्य स्रोत हिन्दुस्थान समाचार है, जिसके माध्यम से यह खबर सामने आई है।

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