नेपाल सरकार का बड़ा कदम, ADB और IFC को नेपाली रुपये में ऑफशोर बॉन्ड जारी करने की मंजूरी.

नेपाल सरकार ने देश के निजी क्षेत्र और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। नेपाल सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय वित्त निगम यानी IFC और एशियाई विकास बैंक यानी ADB को नेपाली रुपये पर आधारित ऑफशोर ऋणपत्र यानी बॉन्ड जारी करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले से देश में विकास कार्यों को तेजी मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
कितनी राशि के जारी होंगे बॉन्ड और क्या है योजना
वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता अमृत लम्साल ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि नेपाल के निजी क्षेत्र द्वारा चलाई जा रही विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश जुटाने के लिए यह अनुमति दी गई है। इसके तहत दोनों संस्थाओं में से प्रत्येक को 20 करोड़ अमेरिकी डॉलर के बराबर बॉन्ड जारी करने की अनुमति दी गई है। अब ये दोनों वित्तीय संस्थाएं आगामी 10 वर्ष की अवधि के भीतर अंतरराष्ट्रीय बाजार में नेपाली रुपये में अंकित बॉन्ड आसानी से जारी कर सकेंगी। इन संस्थाओं के जरिए जुटाई गई इस राशि का उपयोग नेपाल के स्थानीय वाणिज्यिक बैंकों के साथ मिलकर निजी क्षेत्र की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में किया जाएगा।
एक दशक पुराना प्रस्ताव अब जाकर हुआ पूरा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ADB और IFC ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में नेपाली रुपये पर आधारित बॉन्ड जारी करने का प्रस्ताव आज से एक दशक से भी पहले रखा था। लेकिन कई तरह की कानूनी और प्रक्रियागत जटिलताओं के कारण इस प्रस्ताव को इतने लंबे समय तक लागू नहीं किया जा सका था। अब जाकर सभी बाधाओं को पार करते हुए इस पर मुहर लग गई है, जिससे देश के वित्तीय बाजारों में नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
वित्त मंत्री ने बताया व्यावहारिक विकल्प
नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने इस पूरे निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑफशोर बॉन्ड नेपाल के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने का एक बहुत ही व्यावहारिक और नया विकल्प है। उन्होंने पूरी उम्मीद जताई है कि देश की आवधिक योजनाओं और राष्ट्रीय विकास के बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए जो भारी-भरकम वित्तीय संसाधनों की कमी महसूस होती थी, उसे दूर करने की दिशा में यह कदम एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा। इस नई व्यवस्था से देश के आर्थिक विकास को एक नई रफ्तार मिलने की पूरी संभावना है।