नेपाल में भारी बारिश का कहर, मध्य पहाड़ी लोकमार्ग हुआ बंद और हजारों यात्री बीच रास्ते में फंसे.

पड़ोसी देश नेपाल में मौसम ने एक बार फिर से आम जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। नेपाल के रुकुम पूर्व जिले में बुधवार शाम से लगातार हो रही भारी मूसलाधार बारिश के कारण हालात काफी बिगड़ गए हैं। भारी पानी गिरने की वजह से यहां का महत्वपूर्ण मध्य पहाड़ी लोकमार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो गया है। सड़क बंद होने की वजह से देश के अलग-अलग हिस्सों में आने-जाने वाले हजारों की संख्या में यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं और उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रुकुम पूर्व में भूस्खलन से ठप हुआ यातायात
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, भूमे गाउंपालिका के अंतर्गत आने वाले काडाबगर और धौलापहिरो इलाकों में भारी बारिश के बाद पहाड़ों से मलबा और तेज पानी का बहाव सड़क पर आ गया। इसके साथ ही कई जगहों पर खतरनाक पहिरा यानी भूस्खलन होने के कारण सड़क पूरी तरह से बाधित हो गई। इस सड़क के बंद हो जाने की वजह से राजधानी काठमांडू से रुकुम पूर्व, रुकुम पश्चिम और डोल्पा की तरफ जाने वाली लंबी दूरी की यात्री बसें और अन्य छोटे-बड़े वाहन रास्ते में ही जहां-तहां थम गए हैं। अचानक रास्ता बंद होने से सफर कर रहे आम लोगों को खाने-पीने और रहने की बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन का राहत और बचाव कार्य जारी
सड़क के इस मुख्य मार्ग को जल्द से जल्द फिर से चालू करने के लिए प्रशासन की तरफ से लगातार काम किया जा रहा है। अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर डोजर और अन्य जरूरी उपकरणों की मदद से भारी मलबे को हटाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। हालांकि, लगातार हो रही बारिश के कारण मलबा हटाने और सड़क को साफ करने के काम में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। रुकुमपूर्व की प्रमुख जिला अधिकारी कोपिला राई ने इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सड़क को जल्द से जल्द खोलने के लिए सिस्ने और भूमे गाउंपालिकाओं में जेसीबी मशीनों को भी लगाया गया है। भूस्खलन की वजह से सड़क को काफी नुकसान पहुंचा है, जिसे पूरी तरह से ठीक करके यातायात सुचारu करने में अभी कुछ और समय लग सकता है।
यात्रियों के लिए मौसम विभाग और प्रशासन की चेतावनी
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने साफ चेतावनी जारी की है कि जब तक बारिश का यह दौर पूरी तरह से थमता नहीं है, तब तक दोबारा भूस्खलन होने का बड़ा खतरा बना रहेगा। इसे देखते हुए प्रशासन ने सभी आम नागरिकों और यात्रियों से पूरी सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही यह भी आग्रह किया गया है कि लोग किसी भी ऐसे जोखिम वाले क्षेत्र में जाने से बचें जहां भूस्खलन का खतरा ज्यादा हो और अपनी यात्रा फिलहाल टाल दें ताकि किसी भी बड़े हादसे से बचा जा सके।