नेपाल में भारी बारिश का कहर, भूस्खलन और मलबे से प्रमुख राजमार्ग ठप, यात्रा करने से पहले जान लें हालात

नेपाल में इन दिनों मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ है और लगातार हो रही भारी बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। देश के कई हिस्सों में अचानक भूस्खलन होने और सड़कों पर मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है, जिससे सफर करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, मौसम की इस मार ने देश के प्रमुख राजमार्गों और सड़क खंडों की रफ्तार पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है।
प्रमुख राजमार्गों पर यातायात प्रभावित
पुलिस के अनुसार, आज सुबह 9 बजे तक देश के कई महत्वपूर्ण जिलों जैसे कि काभ्रेपलाञ्चोक, सिन्धुपाल्चोक, इलाम, रसुवा, पश्चिम रुकुम और लमजुंग में भूस्खलन और सड़क कटान की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं। लगातार पानी बरसने और पहाड़ों से पत्थर गिरने के कारण गाड़ियां जहां-तहां फंस गई हैं, जिससे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने में काफी दिक्कतें हो रही हैं।
बीपी राजमार्ग और अन्य सड़कों का हाल
काभ्रेपलाञ्चोक जिले में सुबह-सुबह हुए भीषण भूस्खलन के बाद प्रसिद्ध बीपी राजमार्ग पूरी तरह से अवरुद्ध हो चुका है। बाढ़ और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने इस राजमार्ग पर शाम 5 बजे से सुबह 5 बजे तक वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल दिन के समय ही गाड़ियों को गुजरने की अनुमति दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, इलाम नगरपालिका में भारी मात्रा में मलबा गिरने की वजह से मेची राजमार्ग भी पूरी तरह बंद हो गया है, जिसके चलते अधिकारियों ने लोगों से वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
अन्य जिलों में भी रास्ते बंद
सिन्धुपाल्चोक जिले में मशहूर अरनिको राजमार्ग के कई हिस्से मिट्टी धंसने के कारण बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, जिससे कई नगरपालिकाओं का संपर्क टूट गया है। इसके अलावा, रसुवा जिले में नदी के लगातार कटाव के कारण त्रिशूली–मेलुङ–स्याब्रुबेंसी सड़क पर वाहनों का पहिया पूरी तरह थम गया है। पश्चिम रुकुम में भेरी कॉरिडोर के जाजरकोट–डोल्पा खंड और लमजुंग में मध्यपहाड़ी राजमार्ग पर भी भूस्खलन के कारण यातायात बाधित हुआ है। प्रभावित इलाकों से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है ताकि रास्तों को जल्द से जल्द फिर से चालू किया जा सके, लेकिन लगातार हो रही बारिश के कारण राहत कार्यों में रुकावट आ रही है।