Nepal News: नेपाल में जलविद्युत परियोजना के पावरहाउस पर गिरा भारी मलबा, एक व्यक्ति लापता और एक घायल.

पड़ोसी देश नेपाल से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आ रही है जहाँ म्याग्दी जिले में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। अन्नपूर्ण गांवपालिका के पोखरेबगर इलाके में स्थित घारखोला जलविद्युत परियोजना के पावरहाउस पर अचानक ऊपरी हिस्से से पहाड़ का मलबा और बड़े-बड़े पत्थर आ गिरे। इस भयानक भूस्खलन की चपेट में आने से पावरहाउस में काम कर रहा एक कर्मचारी लापता हो गया है, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में पूरी ताकत से जुटा हुआ है।
पावरहाउस पर अचानक गिरा पहाड़ों का मलबा
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना मंगलवार सुबह की है जब पावरहाउस के ठीक ऊपर स्थित पहाड़ से अचानक भारी मात्रा में मलबा और पत्थर नीचे आ गिरे। इस हादसे के दौरान पावरहाउस के भीतर ही काम कर रहे 55 वर्षीय दीपक बरुवाल मलबे की चपेट में आ गए और वह लापता बताए जा रहे हैं। दीपक बरुवाल स्थानीय अन्नपूर्ण क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। वहीं इस दुर्घटना में गौरीगंगा नगरपालिका के रहने वाले 31 वर्षीय सुरेंद्र विक भी बुरी तरह से घायल हो गए हैं, जिन्हें समय रहते मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
प्रशासन और सुरक्षा बल चला रहे हैं तलाश अभियान
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। पुलिस निरीक्षक सागर तिमिल्सिना ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि लापता कर्मचारी दीपक बरुवाल की तलाश के लिए युद्ध स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। इस बचाव अभियान में नेपाल पुलिस के साथ-साथ नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, स्थानीय जनप्रतिनिधि और आम लोग भी कंधे से कंधा मिलाकर जुटे हुए हैं ताकि जल्द से जल्द लापता व्यक्ति का पता लगाया जा सके। वहीं दूसरी तरफ, घायल हुए सुरेंद्र विक को तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें आगे के इलाज के लिए बेनी स्थित प्रदेश अस्पताल रेफर कर दिया गया है जहाँ उनका इलाज चल रहा है।
बिजली उत्पादन पूरी तरह से ठप
इस अचानक हुए भूस्खलन ने न सिर्फ इंसानी जिंदगी को खतरे में डाला है बल्कि आर्थिक रूप से भी बड़ा नुकसान पहुंचाया है। म्याग्दी हाइड्रोपावर द्वारा चलाई जा रही 14 मेगावाट क्षमता वाली इस महत्वपूर्ण घारखोला जलविद्युत परियोजना के पावरहाउस में रखे महंगे और जरूरी उपकरण इस मलबे के नीचे दबकर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। परियोजना के उपकरणों के भारी नुकसान की वजह से फिलहाल बिजली का उत्पादन पूरी तरह से ठप हो गया है। अधिकारी इस नुकसान का आकलन करने में लगे हुए हैं ताकि जल्द से जल्द हालात को सामान्य किया जा सके।