नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को तुर्किये से मिला बड़ा बुलावा, जलवायु सम्मेलन में शामिल होने का आया औपचारिक निमंत्रण

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को तुर्किये सरकार की तरफ से एक महत्वपूर्ण और औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ है। यह बुलावा किसी सामान्य द्विपक्षीय यात्रा के लिए नहीं है, बल्कि दुनिया भर में चर्चा का विषय बने जलवायु परिवर्तन से जुड़े 31वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भेजा गया है। तुर्किये इस बड़े आयोजन की मेजबानी कर रहा है, जो इस साल 9 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। तुर्किये के राष्ट्रपति की ओर से मिले इस निमंत्रण ने नेपाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है और हर कोई इस पर अपनी नजर बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री शाह को मिला दूसरा विदेश यात्रा का बुलावा
नेपाल के प्रधानमंत्री बनने के बाद बालेन्द्र शाह को किसी दूसरे देश से मिलने वाला यह केवल दूसरा औपचारिक निमंत्रण है। इससे पहले भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी उन्हें भारत आने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया था। भारतीय निमंत्रण के जवाब में नेपाल के विदेश मंत्रालय की तरफ से स्पष्ट किया गया था कि प्रधानमंत्री शाह अपने लिए किसी उपयुक्त और सुविधाजनक समय पर भारत की यात्रा करेंगे। हालांकि, तुर्किये के राष्ट्रपति की तरफ से भेजे गए इस नए निमंत्रण पर नेपाल सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक जवाब नहीं भेजा गया है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले पर अभी विचार चल रहा है।
सम्मेलन में जाने को लेकर अभी फैसला बाकी
राष्ट्रीय सभा की विकास, आर्थिक मामलों तथा सुशासन समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में विदेश मंत्रालय के संयुक्त राष्ट्र प्रभाग के प्रमुख सह सचिव कृष्णप्रसाद ढकाल ने समिति के सामने पूरी स्थिति की जानकारी रखी। उन्होंने बताया कि तुर्किये के राष्ट्रपति की तरफ से आया यह निमंत्रण पत्र प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय को आधिकारिक रूप से भेज दिया गया है। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री इस सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से भाग लेने तुर्किये जाएंगे या नहीं। इस विषय पर अभी तक कोई भी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री शाह सितंबर और अक्टूबर के महीने में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भी शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह पर देश के विदेश मंत्री शिशिर खनाल को इस महत्वपूर्ण सत्र में नेपाल का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
पर्वतीय देशों के मुद्दों को लेकर नेपाल की खास पहल
तुर्किये ने जलवायु परिवर्तन के मामले में सबसे ज्यादा संवेदनशील माने जाने वाले पर्वतीय देश नेपाल को विशेष महत्व दिया है और इसी वजह से यह निमंत्रण भेजा गया है। नेपाल लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन पर्वतीय देशों की आवाज उठाता रहा है, जहां ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के बुरे असर के कारण हिमनद यानी ग्लेशियर बहुत तेजी से पिघलते जा रहे हैं। नेपाल ने इन गंभीर मुद्दों पर दुनिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए पहले भी ‘सगरमाथा संवाद’ जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का सफलतापूर्वक आयोजन किया है। देश और दुनिया से जुड़ी ऐसी ही तमाम ताजा खबरों और अपडेट्स को पढ़ने के लिए आप हमारे साथ जुड़े रह सकते हैं।