नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को तुर्किये से मिला बड़ा बुलावा, जलवायु सम्मेलन में शामिल होने का आया औपचारिक निमंत्रण।

Nura Basta13 August 20262 min read58 viewsWorld
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को तुर्किये से मिला बड़ा बुलावा, जलवायु सम्मेलन में शामिल होने का आया औपचारिक निमंत्रण।

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह को तुर्किये की ओर से एक महत्वपूर्ण औपचारिक निमंत्रण प्राप्त हुआ है। यह बुलावा किसी द्विपक्षीय यात्रा के लिए नहीं भेजा गया है, बल्कि आगामी जलवायु परिवर्तन से संबंधित 31वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिया गया है। तुर्किये सरकार की तरफ से पर्वतीय देशों की समस्याओं को वैश्विक मंच पर उठाने वाले नेपाल को यह विशेष महत्व देते हुए आमंत्रित किया गया है।

तुर्किये में होने वाले सम्मेलन की खास बातें

तुर्किये इस वर्ष 9 नवंबर से 20 नवंबर तक संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। राष्ट्रीय सभा की विकास, आर्थिक मामलों तथा सुशासन समिति की बैठक में विदेश मंत्रालय के संयुक्त राष्ट्र प्रभाग के प्रमुख सह सचिव कृष्णप्रसाद ढकाल ने इस बात की आधिकारिक जानकारी दी है। ढकाल ने समिति को बताया कि तुर्किये के राष्ट्रपति की तरफ से भेजा गया यह निमंत्रण पत्र प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद कार्यालय को सौंप दिया गया है। हालांकि, प्रधानमंत्री इस सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लेंगे या नहीं, इस पर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

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प्रधानमंत्री शाह को मिला दूसरा अंतरराष्ट्रीय निमंत्रण

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के कार्यकाल के दौरान किसी विदेशी दौरे या कार्यक्रम के लिए मिला यह दूसरा औपचारिक निमंत्रण है। इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उन्हें भारत आने के लिए आधिकारिक आमंत्रण भेज चुके हैं। भारत के उस निमंत्रण के जवाब में नेपाल के विदेश मंत्रालय की तरफ से स्पष्ट किया गया था कि प्रधानमंत्री शाह अपने लिए किसी उपयुक्त और सुविधाजनक समय पर भारत की यात्रा करेंगे। हालांकि, तुर्किये के राष्ट्रपति द्वारा भेजे गए इस नए निमंत्रण पर नेपाल सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक उत्तर नहीं भेजा गया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र पर भी अपडेट

आगामी समय में होने वाले महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह आगामी सितंबर-अक्टूबर में आयोजित होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भी शामिल होने के लिए नहीं जाएंगे। उनकी जगह पर नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल इस बड़े वैश्विक सत्र में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए जाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं।

पर्वतीय देशों के मुद्दों को लेकर नेपाल की भूमिका

तुर्किये ने जलवायु परिवर्तन की मार झेल रहे बेहद संवेदनशील पर्वतीय देश नेपाल को प्राथमिकता देते हुए यह बुलावा भेजा है। नेपाल लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उन पहाड़ी और पर्वतीय इलाकों का गंभीर मुद्दा उठाता आया है, जहां बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन के कारण हिमनद यानी ग्लेशियर बहुत तेजी से पिघल रहे हैं। इन तमाम गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देने के लिए नेपाल पहले भी 'सगरमाथा संवाद' जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी कर चुका है।

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