Nepal Politics: नेपाल में सरकार के कामकाज पर उठे सवाल, सांसद ने कहा- आग की लपटें बुझी हैं लेकिन चिंगारी बाकी है

Nura Basta11 August 20262 min read53 viewsWorld
Nepal Politics: नेपाल में सरकार के कामकाज पर उठे सवाल, सांसद ने कहा- आग की लपटें बुझी हैं लेकिन चिंगारी बाकी है

नेपाल की राजनीति में इन दिनों उथल-पुथल का माहौल देखने को मिल रहा है और अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही सरकार के तौर-तरीकों पर बड़े सवाल खड़े किए जाने लगे हैं। काठमांडू में 08 अगस्त को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी आरएसपी के प्रवक्ता और सांसद मनीष झा ने संसद में अपनी ही सरकार को आईना दिखाया है। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि आम जनता के मन में जो गुस्सा और असंतोष है, वह अभी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है।

संसद में उठी तीखी आवाज

नेपाली संसद के प्रतिनिधि सभा में अपनी बात रखते हुए सांसद मनीष झा ने एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि भले ही ऊपरी तौर पर आग की लपटें बुझा दी गई हों, लेकिन जमीन के अंदर चिंगारी अभी भी सुलग रही है। सत्ता की कुर्सियों पर बैठे नेताओं और अधिकारियों से उन्होंने अपील की कि वे अपने आंखों से कथित काले चश्मे उतार दें और देश की जमीनी हकीकत को खुली आंखों से देखें ताकि आम लोगों की परेशानियों का सही अंदाजा लगाया जा सके।

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सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मकसद सरकार की नीयत या उसकी ईमानदारी पर शक करना बिल्कुल नहीं है। उनका मुख्य मुद्दा यह है कि सरकार की नीतियां और उनके लागू करने के तरीके अलग-अलग समूहों के लिए अलग-अलग हैं। जब देश में दो तरह के नियम दिखते हैं, तब आम जनता के मन में शक और असंतोष पैदा होने लगता है, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सही संकेत नहीं माना जाता है।

गरीबों और अमीरों के लिए अलग नियम

अपनी बात को साबित करने के लिए उन्होंने मधेश की स्थिति का खास तौर पर उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि कैसे सीमा चौकियों और नाकों पर देश के गरीब नागरिकों के साथ अलग बर्ताव किया जाता है। वहां एक छोटे से 25 रुपये के चिप्स के पैकेट तक को बिना किसी झिझक के जब्त कर लिया जाता है, जिससे गरीब आदमी परेशान होता है।

दूसरी तरफ, देश के बड़े हवाई अड्डों के रास्ते महंगी और विलासिता वाली चीजें जैसे कि महंगी ब्लू लेबल शराब बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी रुकावट के सीधे देश के अंदर आ जाती हैं। इस दोहरे मापदंड को लेकर उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और कहा कि इस तरह के भेदभाव से समाज में दूरियां बढ़ती हैं।

असली विकास और लोकतंत्र की बात

सांसद मनीष झा ने आगे जोर देकर कहा कि देश में केवल कागजी या आर्थिक आंकड़ों से असली समृद्धि हासिल नहीं की जा सकती है। इसके लिए देश के हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, एक मजबूत और पारदर्शी लोकतांत्रिक व्यवस्था खड़ी होनी चाहिए तथा समाज के हर वर्ग को पूरा सामाजिक न्याय मिलना चाहिए। जब तक ये बुनियादी चीजें जमीन पर नहीं उतरेंगी, तब तक जनता का गुस्सा किसी न किसी रूप में बाहर आता रहेगा। इस पूरी खबर की अधिक जानकारी के लिए आप हिन्दुस्थान समाचार पर जा सकते हैं।

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