नेपाल में रसुवा की बाढ़ का कहर, स्वास्थ्य आपातकाल लागू और काठमांडू के सभी अस्पताल अलर्ट पर

Sushma Kumari26 August 20262 min read57 viewsWorld
नेपाल में रसुवा की बाढ़ का कहर, स्वास्थ्य आपातकाल लागू और काठमांडू के सभी अस्पताल अलर्ट पर

नेपाल के रसुवा इलाके में आई भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पूरे देश में स्वास्थ्य आपातकालीन प्रणाली को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है। प्रभावित इलाकों में किसी भी तरह के बड़े खतरे और जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है और राजधानी काठमांडू के सभी बड़े अस्पतालों को पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने संभाली कमान

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता डॉ. समीर अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जैसे ही बाढ़ आने की सूचना मिली, मंत्रालय सुबह से ही पूरी तरह से सतर्क हो गया था। प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे सभी स्वास्थ्य संस्थानों और वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को हर वक्त तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं। आपदा से निपटने के लिए मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर को भी तुरंत प्रभाव से चालू कर दिया गया है ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

गंभीर मरीजों के लिए खास व्यवस्था

प्रशासन की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक रसुवा और उसके आसपास के इलाकों में स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों के जरिए ही मरीजों को प्राथमिक उपचार और ट्रायज की सुविधा दी जाएगी। जिन घायलों की हालत ज्यादा खराब होगी और जिनका इलाज स्थानीय स्तर पर होना मुमकिन नहीं होगा, उन्हें तुरंत बड़े और उच्चस्तरीय हब अस्पतालों में रेफर कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया को सही तरीके से चलाने के लिए आपदा से जुड़ी पहले से तैयार की गई कार्ययोजना को जमीन पर उतार दिया गया है।

काठमांडू के बड़े अस्पताल तैयार

सरकार ने राजधानी काठमांडू के सबसे प्रमुख और बड़े अस्पतालों जैसे वीर अस्पताल, ट्रामा सेंटर और त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल (टिचिंग अस्पताल) को संभावित गंभीर मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से तैयार रहने को कहा है। बाढ़ वाले इलाकों से रेफर होकर आने वाले हर एक मरीज के बेहतर इलाज और प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था इन बड़े अस्पतालों में कर दी गई है ताकि समय पर लोगों की जान बचाई जा सके।

आपसी तालमेल से चल रहा है काम

अधिकारियों का कहना है कि त्रिशूली अस्पताल, रसुवा अस्पताल, धुन्चे अस्पताल और आसपास के छोटे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों के बीच लगातार आपसी समन्वय बनाया जा रहा है। मरीज की चोट और उसकी हालत को देखते हुए यह तय किया जा रहा है कि उसका इलाज स्थानीय स्तर पर किया जाए या फिर उसे बिना किसी देरी के बड़े अस्पताल में भेजा जाए। हर अस्पताल के पास अपनी आपदा कार्ययोजना होती है जिसके तहत यह सारा काम हो रहा है। बाढ़ की वजह से गंभीर रूप से घायल होकर काठमांडू पहुंचने वाले लोगों की सही गिनती अभी सामने नहीं आई है क्योंकि स्वास्थ्य मंत्रालय लगातार अलग-अलग जगहों से आंकड़े जुटा रहा है और पूरी जानकारी मिलते ही इसे आधिकारिक रूप से साझा किया जाएगा।

Share:

Comments

Leave a comment