नेपाल के रसुवा में भीषण बाढ़ का कहर, प्रधानमंत्री शाह ने दिए राहत और बचाव कार्य तेज करने के आदेश.

नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त, 2026 की सुबह आए भयंकर सैलाब ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई और अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। तिब्बत की ओर से अचानक आई इस भीषण बाढ़ के कारण भोटेकोशी नदी का जलस्तर 8 से 10 मीटर तक ऊपर उठ गया, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई है।
आपदा जोखिम न्यूनीकरण परिषद की आपात बैठक
सिंहदरबार स्थित प्रधानमंत्री तथा मंत्रिपरिषद् कार्यालय में 26 अगस्त, 2026 को आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा प्रबंधन राष्ट्रीय परिषद् की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने इस बैठक में बाढ़ से हुई मानवीय और भौतिक क्षति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) और नेपाल पुलिस को पूरी तरह से मैदान में उतरने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।
राहत कार्यों के लिए विशेष छूट और हाई-अलर्ट
सरकार की तरफ से जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, रसुवा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बचाव कार्यों के लिए अब निजी हेलीकॉप्टरों को अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। सभी हेलीकॉप्टरों को राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। इसके अलावा, मुख्य जिला अधिकारियों को निचले तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और फोन कॉल या एसएमएस के जरिए लगातार सतर्क रहने का आदेश दिया गया है। नेपाल बिजली प्राधिकरण (एनईए) ने भी नदियों के पास रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
भारी नुकसान और लापता लोगों की तलाश जारी
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार मंत्री महावीर पुन के अनुसार, तिब्बत में एक हिमनद झील फटने के कारण यह बाढ़ आई, जिससे रसुवा में कुल 200 मेगावाट क्षमता की जलविद्युत परियोजनाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके अलावा करीब 430 मेगावाट बिजली उत्पादन प्रणाली पर भी असर पड़ा है। टिमुरे कस्टम कार्यालय के पास लगभग 500 वाहन बाढ़ के पानी में बह गए और त्रिशूली बाजार क्षेत्र में 60 से अधिक घर तबाह हो गए हैं। सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, टिमुरे बाजार से 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी और कुल मिलाकर जिले से 19 पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर खोज और राहत अभियान चलाया जा रहा है ताकि जल्द से जल्द स्थिति को सामान्य किया जा सके।