नेपाल में तिब्बत के पानी से भारी तबाही, रसुवा में 28 पुलिसकर्मी लापता और हाईवे बंद.

तिब्बत से आए पानी के तेज सैलाब ने नेपाल के कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण नेपाल के रसुवा जिले में हालात काफी गंभीर हो गए हैं, जहां बाढ़ के पानी में कुल 28 पुलिसकर्मी लापता हो गए हैं। अचानक आई इस आपदा के बाद सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है और प्रभावित क्षेत्रों में युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
रसुवा में जलप्रलय और पुलिसकर्मियों के लापता होने की खबर
बागमती प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की तरफ से भारी मात्रा में पानी का सैलाब आया, जिससे रसुवागढ़ी, टिमुरे और स्याफ्रुबेसी समेत कई नदी तटीय इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। रसुवागढ़ी पुलिस चौकी में तैनात 22 पुलिसकर्मियों में से केवल 9 लोगों से ही संपर्क हो पाया है, जबकि 13 पुलिसकर्मी अभी भी लापता हैं। इसके अलावा, स्याफ्रुबेसी में तैनात 9 पुलिसकर्मियों में से सिर्फ 3 से संपर्क हो सका है और टिमुरे बीओपी में तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस भयानक बाढ़ की चपेट में आकर कई पुलिस कार्यालय भी पूरी तरह बह गए हैं।
पृथ्वी राजमार्ग को पूरी तरह किया गया बंद
भोटेकोशी नदी में अचानक आए उफान के कारण काठमांडू से चितवन तक जाने वाले महत्वपूर्ण पृथ्वी राजमार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। केंद्रीय पुलिस प्रवक्ता डीआईजी अविनारायण काफ्ले ने जानकारी दी कि धादिड़ जिले के कई हिस्से भी बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। किसी भी तरह की अनहोनी को टालने के लिए सड़क के दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। बाढ़ के पानी ने दर्जनों बस्तियों और बाजारों को अपनी आगोश में ले लिया है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
सुरक्षा बलों द्वारा राहत और बचाव अभियान तेज
हालाت की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के तीनों सुरक्षा अंगों को खोज और बचाव कार्य में तैनात कर दिया गया है। नेपाली सेना ने दो हेलीकॉप्टरों और अपनी विशेष टीमों को प्रभावित इलाकों में रवाना कर दिया है। इसके साथ ही अस्पतालों में सेना के स्वास्थ्यकर्मियों की टीमों को भी तैनात किया गया है ताकि घायलों और पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। धुन्चे, रसुवा और धादिङ के गजुरी से भी सेना की टुकड़ियां बचाव कार्यों में जुट गई हैं।
प्रशासन की चेतावनी और यातायात पर रोक
बाढ़ सतर्कता केंद्र ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तिब्बत से आई भोटेकोशी नदी की यह बाढ़ चितवन तक असर दिखा सकती है। बाढ़ पूर्वानुमान शाखा ने सरकार से अपील की है कि वे प्रमुख कॉरिडोर मार्गों पर तुरंत यातायात रोक दें। रसुवा और नुवाकोट के नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। त्रिशूली नदी से जुड़े सभी इलाकों को अत्यधिक जोखिम भरा बताया गया है। काठमांडू ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एसपी नरेशराज सुवेदी ने बताया कि काठमांडू से पृथ्वी राजमार्ग के रास्ते पश्चिमी जिलों, पोखरा, गोरखा, लमजुंग, धादिङ्ग, नुवाकोट और रसुवा जाने वाले सभी वाहनों को फिलहाल काठमांडू में ही रोक दिया गया है ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।