नेपाल ने ठुकराई एलन मस्क की शर्त, स्टारलिंक को शत प्रतिशत हिस्सेदारी देने से साफ इनकार.

नेपाल सरकार ने दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को बड़ा झटका दिया है। नेपाल ने अमेरिकी कंपनी स्टारलिंक को देश में शत-प्रतिशत स्वामित्व यानी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी देने की मांग को मानने से साफ इनकार कर दिया है। सरकार की नई दूरसंचार नीति के मुताबिक, किसी भी विदेशी कंपनी को देश में कारोबार करने के लिए कम से कम 20 प्रतिशत स्थानीय साझेदारी रखना अनिवार्य किया गया है। सरकार के इस कड़े रुख के बाद फिलहाल नेपाल में स्टारलिंक की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू होने का रास्ता बंद होता नजर आ रहा है।
पुरानी नीति पर कायम है नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण
नेपाल में आधुनिक तकनीक लाकर डिजिटलीकरण को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन कड़े नियमों के कारण दुनिया की बड़ी तकनीकी कंपनियां यहां आने से हिचकिचा रही हैं। नेपाल दूरसंचार प्राधिकरण विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी को सीमित रखने के पुराने नियमों पर ही पूरी तरह कायम है। हाल ही में जो नई दूरसंचार नीति का मसौदा तैयार किया गया है, उसमें भी विदेशी निवेशकों के लिए स्थानीय साझेदार को अनिवार्य रूप से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी देने के नियम को जारी रखा गया है। इसी वजह से मस्क की कंपनी के लिए अपनी हाई-स्पीड सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को नेपाल की जमीन पर उतारना बेहद मुश्किल साबित हो रहा है।
मस्क की कंपनी की डायरेक्टर ने की थी नेपाल यात्रा
इस साल के शुरुआती महीनों यानी इसी वर्ष मई के महीने में स्टारलिंक की डायरेक्टर रेबेका स्लिक हंटर ने खुद नेपाल की राजधानी काठमांडू का दौरा किया था। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने नेपाल के सूचना तथा संचार मंत्री डॉ. विक्रम तिमिल्सिना से मंत्रालय में आधिकारिक मुलाकात की थी। इस बैठक में उन्होंने नेपाल के अंदर अपनी इंटरनेट सेवा शुरू करने की तीव्र इच्छा दोहराई थी। हालांकि, उन्होंने अपनी कंपनी का पक्ष रखते हुए उसी समय साफ कर दिया था कि वे बिना किसी स्थानीय पार्टनर के केवल अपने दम पर काम करना चाहती हैं।
लाइसेंस शर्तों को लेकर फंसा पेंच
रेबेका स्लिक हंटर ने नेपाल सरकार के सामने स्पष्ट रूप से कहा था कि कंपनी तभी अपनी सेवा शुरू कर पाएगी जब लाइसेंस में 100 प्रतिशत स्वामित्व पूरी तरह से स्टारलिंक के पास रहेगा। उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ-साथ दूरसंचार प्राधिकरण के बड़े अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें की थीं। इन सभी बैठकों में उन्होंने एक ही बात दोहराई थी कि स्टारलिंक दुनिया के किसी भी देश में अपनी सेवा देने के लिए कोई स्थानीय साझेदार नहीं रखती है। कंपनी केवल और केवल अपनी पूरी मालिकाना हक वाली यानी 100 प्रतिशत स्वामित्व वाली कंपनी के जरिए ही अपनी सेवाएं ग्राहकों तक पहुंचाती है। अब देखना यह होगा कि नेपाल सरकार अपने नियमों में कोई ढील देती है या फिर मस्क की कंपनी इस देश में अपनी सेवाएं शुरू करने के अपने फैसले से पीछे हटती है।