नेपाल में मंत्रियों के लिए नया नियम, महीने में एक बार जनता के बीच बैठकर सुनेंगे समस्याएं

Aanya13 August 20263 min read63 viewsWorld
नेपाल में मंत्रियों के लिए नया नियम, महीने में एक बार जनता के बीच बैठकर सुनेंगे समस्याएं

नेपाल की राजनीति में जनता को सबसे ऊपर रखने और मंत्रियों को सीधे जवाबदेह बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। नेपाल के सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी यानी RSP ने अपने सभी मंत्रियों के लिए एक नया और सख्त निर्देश जारी किया है। इस नियम के तहत अब हर मंत्री को महीने में कम से कम एक बार पार्टी के केंद्रीय कार्यालय घंटीघर में अनिवार्य रूप से उपस्थित होना होगा। इस दौरान सभी मंत्री आम जनता के बीच बैठकर उनकी समस्याओं को सुनेंगे और उसका समाधान निकालने की दिशा में काम करेंगे। राजनीति को जनता के प्रति ज्यादा पारदर्शी और जिम्मेदार बनाने के उद्देश्य से यह नई पहल शुरू की गई है।

जनता से सीधा संवाद करने के लिए तय हुआ समय

पार्टी के सह महामंत्री आसिम शाह ने इस बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि लोकतंत्र का असली मतलब यही है कि जनता द्वारा चुने गए नेता हमेशा नागरिकों की पहुंच में रहें और उनके लगातार संपर्क में काम करें। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए मंत्रियों के लिए महीने में एक तय दिन पर दो चरणों में विशेष कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए आम आदमी की आवाज सीधे देश के नीति-निर्माण और बड़े फैसलों तक पहुंचाई जाएगी ताकि जमीनी स्तर पर लोगों को राहत मिल सके।

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दो चरणों में होगा पूरा कार्यक्रम

सह महामंत्री आसिम शाह के अनुसार, यह पूरा कार्यक्रम एक ही दिन में दो अलग-अलग चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण का नाम नागरिक संवाद रखा गया है, जो शाम 5 बजे से 6 बजे तक यानी पूरे एक घंटे तक चलेगा। इस एक घंटे के दौरान पार्टी कार्यालय के दरवाजे पूरी तरह आम जनता के लिए खुले रहेंगे और कोई भी नागरिक सीधे मंत्री के सामने अपनी शिकायतें, परेशानियां, जरूरतें और सुझाव रख सकेगा।

इसके तुरंत बाद दूसरे चरण की शुरुआत होगी जिसे नेतृत्व संवाद नाम दिया गया है। यह कार्यक्रम शाम 6 बजे के बाद एक घंटे तक चलाया जाएगा। इस दूसरे चरण में संबंधित मंत्री के अलावा पार्टी की केंद्रीय समिति के सदस्य और प्रतिनिधिसभा के सांसद एक साथ बैठकर संयुक्त बैठक करेंगे। इस बैठक में पहले चरण के दौरान आम नागरिकों से मिले सुझावों और शिकायतों पर बहुत गहराई से बातचीत की जाएगी और देश के मौजूदा हालात तथा नीतियों पर चर्चा होगी।

नया नियम लाने के चार बड़े कारण

पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस तरह की नई व्यवस्था को लागू करने के पीछे चार मुख्य उद्देश्यों का जिक्र किया है। सबसे पहला कारण यह है कि आम नागरिक, सरकार के मंत्री, संसद के सांसद और पार्टी संगठन के बीच आपसी तालमेल को मजबूत किया जा सके। दूसरा मुख्य उद्देश्य मंत्रियों को सीधे तौर पर आम जनता के प्रति जवाबदेह बनाना है ताकि वे अपनी जिम्मेदारी से पीछे न हट सकें।

तीसरा उद्देश्य यह है कि जनता की असल और जमीनी समस्याओं को बहुत करीब से समझा जाए और उसी आधार पर देश के कानून तथा राष्ट्रीय नीतियों को तय करने में पार्टी की राय बनाई जाए। चौथा और अंतिम उद्देश्य यह है कि नागरिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं, सांसदों और सरकार में बैठे नुमाइंदों के बीच सही जानकारी और काम करने के तरीकों का सही से आदान-प्रदान हो सके। इस पूरी व्यवस्था से नेपाल की राजनीतिक व्यवस्था में एक नया और सकारात्मक बदलाव आने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

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