नेपाल सुनसरी हिंसा अपडेट: 112 घर और 61 वाहन जलकर राख, 3 लोगों की मौत के बाद जांच कमेटी का कार्यकाल बढ़ा.

नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज नगरपालिका इलाके में दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाए हैं। इस बड़ी हिंसा में बड़े पैमाने पर लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है और आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिला पुलिस कार्यालय की तरफ से दी गई शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इस पूरी घटना में कुल 112 घरों और अन्य जरूरी भौतिक संरचनाओं को आग के हवाले कर दिया गया या तोड़फोड़ करके पूरी तरह बर्बाद कर दिया गया है। इसके अलावा सड़कों पर खड़े और घरों के पास मौजूद कुल 61 छोटे-बड़े वाहनों को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों में काफी डर का माहौल बना हुआ है।
कैसे शुरू हुआ था विवाद और हिंसा का दौर
पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत गत 25 जुलाई की शाम को हुई थी। उस दिन हिंदू समुदाय के कुछ लोग बोलबम यात्रा पर निकल रहे थे, तभी रास्ते में मुसलमानों के एक समूह द्वारा उन पर हमला कर दिया गया। यह मामला इतनी तेजी से बढ़ा कि कुछ ही देर में इसने दो अलग-अलग समूहों के बीच हिंसक झड़प का रूप ले लिया। देखते ही देखते कप्तानगंज समेत सुनसरी जिले के कई अन्य इलाकों में भी तोड़फोड़, आगजनी और हिंसक प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया, जिसे रोकने के लिए सुरक्षा बलों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
घरों और वाहनों को पहुंचाया गया भारी नुकसान
हिंसा और आगजनी की इस दर्दनाक घटना में आम लोगों की गाढ़ी कमाई से बने आशियाने पलभर में खाक हो गए। पुलिस ने बताया कि प्रभावित हुए 112 घरों और अन्य संरचनाओं में से 23 पक्के मकान पूरी तरह नेस्तनाबूद हो चुके हैं। इसके अलावा इलाके में बने 34 कच्चे मकानों में से 25 मकान आग लगने की वजह से पूरी तरह जलकर राख हो चुके हैं। उपद्रवियों ने सिर्फ घरों को ही नहीं बल्कि अन्य इमारतों को भी नहीं छोड़ा, जिनमें कुल 50 अन्य घर, 2 मंदिर, 5 अन्य सामाजिक संरचनाएं और एक ईंट-भट्ठा शामिल है, जिन्हें तोड़फोड़ और आगजनी से भारी नुकसान झेलना पड़ा है। वाहन मालिकों को भी करोड़ों का चूना लगा है क्योंकि हिंसा के दौरान कुल 61 वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जिनमें से 44 दोपहिया यानी मोटरसाइकिल और स्कूटर तथा 5 चारपहिया वाहन पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक सुनसरी के अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने कुल 52 मोटरसाइकिल और स्कूटर, 8 सिटी सफारी और 4 चारपहिया वाहनों को आग के हवाले कर दिया या उनमें तोड़फोड़ की।
अधिकारियों का बयान और घायलों की स्थिति
सुनसरी के जिला पुलिस प्रमुख एसपी पुष्पराज मल्ल ने मीडिया को बताया कि हिंसा के कारण हुई कुल संपत्ति और जानमाल की क्षति का विस्तृत विवरण जुटाने का काम अभी भी तेजी से चल रहा है। पुलिस को लगातार नुकसान से जुड़ी शिकायतें मिल रही हैं और मौके पर पहुंचकर उनका सत्यापन किया जा रहा है, जिसके चलते नुकसान का यह अंतिम आंकड़ा आने वाले दिनों में और भी ज्यादा बढ़ सकता है। कप्तानगंज के नया हटिया इलाके में हुई इस गोलीबारी की घटना में स्थानीय युवक ओमप्रकाश मेहता, जयप्रकाश मेहता और रवीन्द्र मेहता की गोली लगने से दर्दनाक मौत हो गई थी, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। इस हिंसक झड़प और गोलीबारी में कुल 40 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से 12 घायलों का इलाज अभी भी अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है, जबकि 25 लोग पूरी तरह ठीक होकर अपने घर वापस लौट चुके हैं।
जांच कमेटी का कार्यकाल बढ़ाया गया
इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन किया था, जिसके कार्यकाल में अब विस्तार कर दिया गया है। नेपाल के गृह मंत्रालय ने सहसचिव भूपेन्द्र थापा के नेतृत्व में बनाई गई इस जांच समिति का कार्यकाल गुरुवार को बढ़ाकर अगले 15 दिन और कर दिया है। इससे पहले गृह मंत्रालय ने 26 जुलाई 2026 को इस समिति का गठन किया था और शुरुआती जांच के लिए इसे मात्र एक सप्ताह का समय सौंपा था। अब यह बढ़ी हुई समिति हिंसा के असली कारणों, पूरे घटनाक्रम, पुलिस फायरिंग, जान-माल के नुकसान और उसके बाद पैदा हुए तनावपूर्ण हालात की बहुत ही गहराई से जांच-पड़ताल करेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस समिति की फाइनल रिपोर्ट हाथ लगते ही दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाएगा।