Nepal News: नेपाल में तिब्बती अध्ययन सम्मेलन हुआ रद्द, अब 23 से 29 अगस्त तक ऑनलाइन होगा पूरा कार्यक्रम.

Nura Basta15 August 20263 min read76 viewsWorld
Nepal News: नेपाल में तिब्बती अध्ययन सम्मेलन हुआ रद्द, अब 23 से 29 अगस्त तक ऑनलाइन होगा पूरा कार्यक्रम.

नेपाल में होने वाले अंतरराष्ट्रीय तिब्बती अध्ययन सम्मेलन को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। अब यह पूरा सम्मेलन तय समय पर वर्चुअल माध्यम यानी ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर तिब्बतन स्टडीज बोर्ड ने इस बात की आधिकारिक घोषणा की है कि कार्यक्रम की तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 23 से 29 अगस्त तक ही ऑनलाइन रूप में संपन्न होगा। इस बड़े फैसले के बाद से अकादमिक जगत में हलचल तेज हो गई है और हर कोई इस स्थिति पर अपनी नजर बनाए हुए है।

क्यों बदला गया सम्मेलन का पूरा स्वरूप

इस सम्मेलन के सह आयोजक के रूप में काठमांडू विश्वविद्यालय से संबद्ध हिमालय सेंटर फॉर एशियन स्टडीज और सेंटर फॉर बुद्धिस्ट स्टडीज ने इस आयोजन से अपने हाथ पूरी तरह खींच लिए थे। स्थानीय स्तर पर सह-आयोजकों के हटने के बाद इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर तिब्बतन स्टडीज बोर्ड के निदेशक मंडल ने 7 अगस्त को एक आपातकालीन ऑनलाइन बैठक बुलाई। इस महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बोर्ड खुद इस सम्मेलन के समन्वय की पूरी जिम्मेदारी उठाएगा और 17वें सेमिनार को ऑनलाइन कार्यक्रम के रूप में संचालित किया जाएगा। सलाहकार बोर्ड की ओर से फ्रांस्वा रोबिन और उल्रिके रोएस्लर ने यह सारी जानकारी साझा की है।

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नेपाल सरकार की रोक और चीन की चिंता

बोर्ड ने अपनी बात में स्पष्ट रूप से कहा है कि अंतिम समय में इस प्रकार कार्यक्रम को रोकने की घटना से भविष्य में नेपाल में किसी भी प्रकार के अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो जाएंगे। इस स्थिति के कारण नेपाल को भारी आर्थिक और अपनी प्रतिष्ठा का भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। तिब्बती मामलों की संवेदनशीलता बहुत अधिक होती है और इसी वजह से चीन की ओर से भी इस आयोजन को लेकर कड़ी चिंता जताई गई थी। चीन के रुख को देखते हुए नेपाल सरकार ने पिछले सप्ताह ही इस सम्मेलन को नेपाल की धरती पर आयोजित करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी थी। नेपाल के मुख्य सचिव गोविंद बहादुर कार्की और विदेश मंत्रालय के सचिव अमृत बहादुर राई ने सीधे तौर पर काठमांडू विश्वविद्यालय को इस कार्यक्रम को रोकने के सख्त निर्देश दिए थे। सरकार के द्वारा रोक लगाए जाने के बाद ही काठमांडू विश्वविद्यालय ने इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी वापस बोर्ड को सौंप दी थी।

तैयारियों में लगे थे तीन साल और हो चुके थे एडवांस बुक

आयोजकों का यह भी कहना है कि नेपाल में इस बड़े आयोजन के लिए साल 2023 में ही काठमांडू विश्वविद्यालय के साथ आपसी सहमति बन गई थी। इसके बाद पिछले तीन सालों से लगातार इस सम्मेलन की तैयारियां चल रही थीं और इस दौरान किसी भी पक्ष ने कोई आपत्ति या चिंता नहीं जताई थी। इस आयोजन की भव्य तैयारी में कुल तीन साल का लंबा समय लगा था। हालात यह थे कि दुनिया भर से आने वाले 700 से अधिक प्रतिभागी पहले ही अपने हवाई जहाज के टिकट खरीद चुके थे और काठमांडू के विभिन्न होटलों में अपने रहने के लिए कमरे भी बुक करा चुके थे। अब अचानक से कार्यक्रम ऑनलाइन होने के कारण इन सभी प्रतिभागियों को अपनी यात्रा की योजना में बड़ा बदलाव करना पड़ा है।

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