नेपाल सरकार का बड़ा कदम, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पेश किया वेलनेस टूरिज्म का नया रोडमैप

Sushma Kumari11 August 20262 min read74 viewsWorld
नेपाल सरकार का बड़ा कदम, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पेश किया वेलनेस टूरिज्म का नया रोडमैप

नेपाल सरकार ने देश के पर्यटन क्षेत्र को एक नई दिशा देने और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय वेलनेस पर्यटन रणनीति 2026–2035 और पांच वर्षीय रणनीतिक कार्ययोजना 2026–2030 को सार्वजनिक कर दिया है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य नेपाल को केवल सामान्य घूमने की जगह के बजाय एक उत्कृष्ट और बहुआयामी वेलनेस टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में दुनिया के सामने पेश करना है। सरकार का यह प्रयास है कि देश की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर का सही इस्तेमाल करते हुए पर्यटकों को मानसिक शांति और शारीरिक ऊर्जा से जुड़े बेहतरीन अनुभव दिए जाएं।

काठमांडू बनेगा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक हब

सरकार की इस नई योजना के तहत नेपाल के अलग-अलग इलाकों को उनकी खासियत के हिसाब से वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। राजधानी काठमांडू को मुख्य रूप से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकीकरण केंद्र बनाया जाएगा। यहां आने वाले पर्यटकों को एक ही जगह पर विरासत पर आधारित योग केंद्र, बौद्ध ध्यान केंद्र और पारंपरिक स्पा जैसी सेवाएं मिल सकेंगी। सरकार मानती है कि नेपाल का मौसम, यहां की जड़ी-बूटियां और प्राचीन परंपराएं लोगों को मानसिक और शारीरिक रूप से तरोताजा करने के लिए सबसे सही जगह बनाती हैं।

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पर्यटकों के लिए खास वेलनेस पैकेज और सर्किट

पर्यटन को बढ़ावा देने और सैलानियों को लंबे समय तक रोकने के लिए सरकार कई तरह के नए पैकेज लेकर आ रही है। इनमें पहाड़ों पर लंबी सैर के साथ योग और ध्यान को जोड़ने के लिए ‘वेलनेस ट्रेकिंग सर्किट’ बनाया जाएगा। इसके अलावा बौद्ध विहारों में रहकर बौद्ध दर्शन सीखने के लिए ‘मोनास्ट्री मेडिटेशन रिट्रीट्स’ शुरू किए जाएंगे। नेपाल की स्थानीय जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद के नियमों के आधार पर 7 से 14 दिन के ‘पंचकर्म डिटॉक्स रिट्रीट’ भी चलाए जाएंगे, जिससे देश को सस्ते और अच्छे आयुर्वेदिक इलाज के केंद्र के रूप में जाना जा सके।

मौसम के हिसाब से बदलेंगे कार्यक्रम

इस रणनीति की सबसे खास बात यह है कि सालभर आने वाले पर्यटकों के लिए मौसम के हिसाब से वेलनेस कार्यक्रम तय किए गए हैं। वर्षा ऋतु में डिटॉक्स कार्यक्रम, सर्दियों में शरीर की ताकत बढ़ाने वाले थर्मल और इम्युनिटी प्रोग्राम, वसंत ऋतु में ऊर्जावान बनाने वाले कार्यक्रम और शरद ऋतु में कृतज्ञता आधारित वेलनेस कार्यक्रम चलाए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इन बदलावों से नेपाल का पर्यटन सिर्फ पहाड़ चढ़ने या सामान्य घूमने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोग योग, आयुर्वेद और मानसिक शांति के लिए भी यहां खींचे चले आएंगे।

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