Broad Peak Avalanche: ब्रॉड पीक हिमस्खलन में जान गंवाने वाले तीन नेपाली पर्वतारोहियों के शव काठमांडू पहुंचे, मंगलवार को हुआ आगमन.

ब्रॉड पीक पर्वत पर आए भयानक हिमस्खलन में जान गंवाने वाले तीन दिग्गज नेपाली पर्वतारोहियों के शव मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को राजधानी काठमांडू पहुंच गए हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना में अपनी जान गंवाने वाले पर्वतारोहियों में किली पांबा शेरपा, ग्यालू शेरपा और निमा शेरपा शामिल हैं, जिनके पार्थिव शरीर दोहा से कतर एयरवेज की उड़ान के जरिए त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतारे गए। हवाई अड्डे पर माहौल बेहद गमगीन था और परिजनों के साथ-साथ अधिकारियों की आंखें भी नम थीं, जहां से ताबूतों को उनके अंतिम सफर के लिए विशेष एम्बुलेंस और शव वाहनों में स्थानांतरित किया गया। दुनिया भर के पर्वतारोहण जगत के लिए यह एक बहुत बड़ा झटका है, जिसे कभी न भरा जाने वाला नुकसान माना जा रहा है।
कैटस्ट्रॉफिक हिमस्खलन और राहत अभियान
यह दुखद हादसा गत 30 जुलाई 2026 को हुआ था, जब पर्वतारोहियों का दस सदस्यीय दल ब्रॉड पीक पर्वत पर कैंप 2 और कैंप 3 के बीच से गुजर रहा था, तभी अचानक आए एक घातक हिमस्खलन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। अनुभवी पर्वतारोहियों के अनुसार, यह इस पर्वत के इतिहास की सबसे खतरनाक और घातक घटनाओं में से एक है, जिसमें कई अन्य जाने-माने पर्वतारोही भी काल के गाल में समा गए। इससे पहले इसी हादसे में जान गंवाने वाले एक अन्य नेपाली पर्वतारोही पुर बहादुर गुरुंग का शव 7 अगस्त को काठमांडू लाया जा चुका है, जबकि ब्रिटिश-नेपाली पर्वतारोही स्टार निर्मल पुर्जा का पार्थिव शरीर 8 अगस्त को यूनाइटेड किंगडम भेज दिया गया था ताकि वहां उनका अंतिम संस्कार किया जा सके।
इस पूरी प्रक्रिया को पूरी गरिमा और सम्मान के साथ पूरा करने के लिए नेपाल सरकार ने कड़े कदम उठाए। नेपाल के विदेश मंत्रालय और इस्लामाबाद स्थित नेपाली दूतावास ने पाकिस्तानी अधिकारियों तथा पाकिस्तान आर्मी के साथ मिलकर बहुत करीबी तालमेल बिठाया, जिसके परिणामस्वरूप सभी पीड़ितों के शवों को उनके स्वदेश और परिवारों तक सुरक्षित वापस लाना संभव हो सका। इस पूरी घटना के बारे में अधिक जानकारी ANI News की रिपोर्ट में विस्तार से साझा की गई है, जिसमें बताया गया कि किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय सहयोग से यह मुश्किल काम पूरा हुआ।
सार्वजनिक श्रद्धांजलि और अभी भी जारी तलाश
निधन हुए इन तीनों बहादुर पर्वतारोहियों किली पांबा शेरपा, ग्यालू शेरपा और निमा शेरपा के सम्मान में बुधवार, 12 अगस्त 2026 को नेपाल पर्वतारोहण संघ के मुख्य कार्यालय, जो कि नक्सल, काठमांडू में स्थित है, वहां एक सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया है। लोग बड़ी संख्या में पहुंचकर इन जांबाज पर्वतारोहियों को अपनी नम आंखों से अंतिम विदाई दे रहे हैं। दूसरी ओर, इस भीषण हादसे के बाद अभी भी राहत और बचाव दल का काम पूरी गति से जारी है, लेकिन स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
इस हिमस्खलन के बाद लापता हुए शेष तीन पर्वतारोहियों की तलाश में बचाव दल लगातार जुटा हुआ है, जिनमें एक नेपाली नागरिक, एक पाकिस्तानी नागरिक और एक अमेरिकी नागरिक शामिल हैं। यह लगातार जारी खोज इस बात का प्रमाण है कि अत्यधिक ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में बचाव अभियान चलाना कितना खतरनाक और जोखिम भरा होता है। नेपाल नेशनल माउंटेन गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष तुल सिंह गुरुंग ने इस त्रासदी को वैश्विक पर्वतारोहण समुदाय के लिए सबसे अधिक दर्दनाक नुकसान बताया है, जिसने पूरे देश और दुनिया के पर्वतारोहियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।