इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा दावा, कहा- ईरान ने उनके बेटे को मारने की रची थी साजिश

इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश की थी। उन्होंने सोमवार, 24 अगस्त 2026 को इजराइल के कंजर्वेटिव टेलीविजन चैनल Channel 14 को दिए एक फोन इंटरव्यू में इस गुप्त साजिश का खुलासा किया। प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान बताया कि एक बहुत ही गंभीर घटना घटी है और ईरान ने उनके बेटों में से एक को मारने का प्रयास किया था। हालांकि, इस सनसनीखेज खुलासे के बावजूद नेतन्याहू ने यह नहीं बताया कि यह साजिश कब और कहां रची गई थी और न ही यह स्पष्ट किया कि उनके बड़े बेटे Yair या छोटे बेटे Avner में से किसे निशाना बनाया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों को महीनों पहले से थी जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स और जाने-माने पत्रकार Amit Segal तथा Channel 12 की कवरेज के अनुसार, इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों को इस खतरे की जानकारी कई महीनों पहले से मिल चुकी थी। लेकिन देश में लागू एक सख्त गैग ऑर्डर यानी रोक के कारण इस बात को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता था। चैनल 12 ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि यह कथित जानलेवा हमला उस दौरान हुआ जब Yair Netanyahu विदेश में मियामी शहर में रह रहे थे। वहां वह इजराइल की घरेलू सुरक्षा एजेंसी Shin Bet की कड़ी सुरक्षा के पहरे में रहते हैं। प्रधानमंत्री ने इस गंभीर खतरे का हवाला देते हुए ही शिन बेट मामलों की मंत्री स्तरीय समिति के उस फैसले को सही ठहराया, जिसमें उनके बेटों और पत्नी Sara Netanyahu की सुरक्षा अवधि को पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है। यह सुरक्षा व्यवस्था आगामी 27 अक्टूबर को होने वाले चुनावों के नतीजों से प्रभावित नहीं होगी और लागू रहेगी। प्रधानमंत्री का साफ कहना था कि अगर इस तरह का कड़ा सुरक्षा पहरा नहीं होता, तो ईरान अपने नापाक इरादों में कामयाब जरूर हो जाता।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा है तनाव
प्रधानमंत्री नेतन्याहू की यह टिप्पणी उस समय सामने आई है जब वह एक अन्य मामले पर चर्चा कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिन बेट ने पहले इजराइल के पूर्व सेना प्रमुख और प्रधानमंत्री के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी Gadi Eisenkot को सुरक्षा देने से मना कर दिया था। ईरान और इजराइल के बीच का यह ताजा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब फरवरी 2026 में तेहरान पर हुए एक संयुक्त अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद से मध्य पूर्व में अत्यधिक तनाव बना हुआ है। उस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei और उनके परिवार के कई सदस्यों के मारे जाने की खबरें आई थीं। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू के इस ताजा दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।