जापान के रक्षा बजट पर उत्तर कोरिया का फूटा गुस्सा, कहा यह सीधे युद्ध की खतरनाक तैयारी है

जापान की तरफ से लाए गए नए और अब तक के सबसे बड़े रक्षा बजट को लेकर उत्तर कोरिया का गुस्सा पूरी तरह से फूट पड़ा है। प्योंगयांग सरकार ने जापान के इस कदम को सीधे तौर पर एक आक्रामक युद्ध की खतरनाक तैयारी करार दिया है और इसे क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बताया है। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी KCNA के अनुसार, इस बढ़ते सैन्य खर्च के खिलाफ दुनिया और इस क्षेत्र के सभी देश मिलकर कड़ा जवाब देंगे ताकि हालात को बिगड़ने से बचाया जा सके।
रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी पर उठे सवाल
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी Yonhap और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान के रक्षा मंत्रालय ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए लगभग 8.9 ट्रिलियन येन यानी करीब 60 अरब अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड रक्षा बजट का प्रस्ताव रखा है। साल के अंत तक जब इस बजट को आधिकारिक तौर पर अंतिम मंजूरी मिल जाएगी, तब इसके बढ़कर लगभग 10 ट्रिलियन येन तक पहुंच जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है। उत्तर कोरिया के प्रमुख अखबार Rodong Sinmun में छपी एक आधिकारिक टिप्पणी का हवाला देते हुए यह जानकारी सामने आई है कि लगातार बढ़ रहा यह सैन्य बजट दुनिया भर में अस्थिरता का माहौल पैदा कर रहा है।
अमेरिका निर्मित हथियारों को शामिल करने पर आपत्ति
उत्तर कोरिया ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई है कि जापान अपनी सैन्य क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार आधुनिक हथियारों का भंडारण कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, जापान ने अपनी सेना में अमेरिका में बने Tomahawk cruise missiles को शामिल करने का बड़ा फैसला किया है। प्योंगयांग का साफ कहना है कि जापान सरकार शांति और आत्मरक्षा के नाम पर केवल जनता को गुमराह कर रही है और असल में वह अपनी सैन्य ताकत को खतरनाक स्तर तक बढ़ाने में जुटी हुई है।
बढ़ते राष्ट्रीय कर्ज और करदाताओं के पैसे का मुद्दा
उत्तर कोरिया ने जापान की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ देश का राष्ट्रीय कर्ज लगातार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है, तो दूसरी तरफ जनता के खून-पसीने की कमाई को हथियारों की खरीद पर पानी की तरह बहाया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले साल के आखिर तक जापान का कुल राष्ट्रीय कर्ज बढ़कर लगभग 1,343 ट्रिलियन येन के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया था। ऐसे में करदाताओं के पैसे का एक बहुत बड़ा हिस्सा सैन्य गतिविधियों पर खर्च करना यह साफ दिखाता है कि सरकार का इरादा देश को शांतिपूर्ण बनाए रखने का बिल्कुल नहीं है। पूर्वी एशिया में इस समय उत्तर कोरिया के मिसाइल कार्यक्रमों और अमेरिका-जापान-दक्षिण कोरिया के बीच लगातार मजबूत हो रहे सैन्य सहयोग की वजह से तनाव पहले से ही काफी ज्यादा बना हुआ है, और ऐसे में जापान का यह नया बजट क्षेत्र की आग में घी डालने का काम कर रहा है।