जापान की बढ़ती सैन्य ताकत से उत्तर कोरिया हुआ सतर्क, किम जोंग-उन की बहन ने दी युद्ध की चेतावनी

पूर्वी एशिया में तनाव एक बार फिर गहराता हुआ दिखाई दे रहा है। उत्तर कोरिया ने जापान की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और वहां की रक्षा तैयारियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उत्तर कोरिया ने सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सैन्य विकल्पों पर गंभीरता से विचार करेगा। इस तनाव के पीछे जापान की ओर से हथियारों के आधुनिकीकरण और अमेरिका के साथ बढ़ रहे उसके सैन्य सहयोग को मुख्य कारण बताया जा रहा है।
जापान के सैन्य विस्तार पर उत्तर कोरिया का कड़ा रुख
उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने सरकारी मीडिया के माध्यम से जापान पर तीखे हमले किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जापान अब तेजी से एक युद्ध वाले देश के रूप में बदल रहा है। इस बयान में उन्होंने जापान द्वारा टोमाहॉक लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों के परीक्षण का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि फिलीपींस में अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य अभ्यासों में जापान की भागीदारी यह साफ करती है कि वह अपनी सैन्य शक्ति को आक्रामक तरीके से बढ़ाने की नीति पर चल रहा है।
अमेरिका पर भी निशाना
उत्तर कोरिया ने केवल जापान ही नहीं, बल्कि अमेरिका की भी कड़ी आलोचना की है। बयान के अनुसार, उत्तर कोरिया का मानना है कि अमेरिका जानबूझकर टोक्यो को फिर से हथियारबंद होने की इजाजत दे रहा है। किम यो-जोंग ने आरोप लगाया कि वाशिंगटन अपने रणनीतिक हितों को साधने के लिए एशिया-प्रशांत क्षेत्र में जापान और दक्षिण कोरिया का इस्तेमाल कर रहा है। उत्तर कोरिया के अनुसार, इस कदम से पूरे क्षेत्र का सुरक्षा संतुलन बिगड़ रहा है, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सेना और सैन्य नेतृत्व तैयार
दक्षिण कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी योनहाप के अनुसार, उत्तर कोरिया ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जापान की सैन्य गतिविधियों को लेकर मूकदर्शक बनकर नहीं रहेगा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि देश की सुरक्षा को सुरक्षित रखने के लिए उनकी सेना और वहां का सैन्य नेतृत्व अब अतिरिक्त सैन्य विकल्पों की तैयारी में जुट गया है। उत्तर कोरिया का दावा है कि जापान अब ऐसी क्षमताएं विकसित कर रहा है जिससे वह पहले हमला करने की स्थिति में आ सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले पर जापान या अमेरिका की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस घटनाक्रम से पूर्वी एशिया में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।