Middle East Tension: मध्य पूर्व में शिपिंग हमलों के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बातचीत पर मंडराया संकट.

Praggya Singh sabal12 August 20262 min read65 viewsWorld
Middle East Tension: मध्य पूर्व में शिपिंग हमलों के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बातचीत पर मंडराया संकट.

मध्य पूर्व के जलमार्गों में लगातार हो रहे हमलों के कारण वैश्विक स्तर पर oil prices में तेज उछाल दर्ज किया गया है। इस तनावपूर्ण स्थिति की वजह से महत्वपूर्ण Hormuz Strait को दोबारा खोलने के लिए चल रही बातचीत पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता के चलते बाजारों में इस बात को लेकर गहरी आशंका बनी हुई है कि इस समस्या का समाधान जल्द ही निकल पाएगा या नहीं।

हाल ही में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में कार्गो वेसल Tihamah पर एक संदिग्ध हौथी हमला हुआ, जिसमें कुल 6 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में जान गंवाने वालों में 4 क्रू मेंबर्स शामिल थे, जिनमें तीन नागरिक पाकिस्तान के और एक इंडोनेशिया का था, जबकि दो अन्य यमनी रेस्क्यूर्स थे। ईरान समर्थित हौथियों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी अरब के सैन्य उपकरण ले जाने वाले एक जहाज को निशाना बनाया था। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेना ने जानकारी दी कि उनके MH-60 हेलीकॉप्टर ने ओमान की खाड़ी में पनामा के झंडे वाले एक कार्गो जहाज को हेलफायर मिसाइलों से निष्क्रिय कर दिया। इस जहाज ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन न रोकने की चेतावनी को नजरअंदाज किया था।

होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति और अमेरिका-ईरान के बीच तनातनी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की कि उन्होंने अब तक 55 कमर्शियल जहाजों को दूसरे रूट पर भेजा है, नियमों का पालन न करने वाले 3 जहाजों को निष्क्रिय किया है और 2 जहाजों पर बोर्डिंग की कार्रवाई की है। होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति अभी भी विवादों में बनी हुई है। ईरान का साफ कहना है कि यह जलमार्ग तब तक बंद रहेगा जब तक अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मान लेता। ईरान की मांगों में उसके फ्रोजन एसेट्स को रिलीज करना और लेबनान तथा गाजा समेत पूरे क्षेत्र में चल रहे संघर्षों को समाप्त करना शामिल है।

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने स्ट्रेट पर पूरी तरह अमेरिकी नियंत्रण होने का दावा किया है और साथ ही दशकों के संघर्ष के लिए ईरान से मुआवजे की मांग की है। हालांकि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री Khawaja Asif ने संकेत दिया था कि अमेरिका और ईरान किसी समझौते के करीब पहुंच रहे हैं, लेकिन तेल बाजार इन बातों से पूरी तरह आश्वस्त नजर नहीं आ रहा है। इसके अलावा, ईरान की संसद एक ऐसा कानून तैयार कर रही है जिसके तहत 'शत्रुतापूर्ण' देशों के सैन्य और कमर्शियल जहाजों को ईरानी अनुमति के बिना खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश करने से पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सके, जिससे समुद्री नेविगेशन की स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।

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