ओमान तट पर डूबा टैंकर बना पर्यावरण के लिए खतरा, 600 वर्ग किलोमीटर में फैला तेल का रिसाव

ओमान के धफ़ार तट के पास फंसा हुआ रूसी जहाज Caroline Bezengi अब एक बड़ी पर्यावरणीय आपदा का रूप ले चुका है। इस जहाज से हो रहा तेल का रिसाव समुद्र में बहुत तेजी से फैल रहा है, जिससे ओमान के समुद्री पर्यावरण को भारी नुकसान होने की आशंका है। ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और विशेषज्ञों के अनुसार, तेल का यह फैलाव 150 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर अब 600 वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया है।
समुद्री जीवों और इकोसिस्टम पर गहरा संकट
यह विशाल तेल का फैलाव Qibliyah Island की ओर बढ़ रहा है, जो Hallaniyat Islands का एक हिस्सा है। यह क्षेत्र एक संरक्षित समुद्री अभयारण्य है, जहां लुप्तप्राय प्रजातियां जैसे कि हम्पबैक व्हेल और समुद्री कछुए पाए जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर काबू नहीं पाया गया, तो इन दुर्लभ प्रजातियों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। ग्रीनपीस जर्मनी की Nina Noelle ने इस विस्तार को अत्यंत चिंताजनक बताया है, जबकि PAX के Wim Zwijnenburg ने पुष्टि की है कि काले तेल की परतें द्वीप के तटों तक पहुंच चुकी हैं।
जहाज की स्थिति और कानूनी पेच
यह टैंकर 18 जून से 23 जून के बीच समुद्र में फंस गया था, जब 6 जून को इसमें तीन जोरदार विस्फोट हुए थे। इन विस्फोटों के कारण जहाज का मुख्य इंजन और स्टीयरिंग सिस्टम पूरी तरह से काम करना बंद कर चुके हैं। ओमान के Ministry of Transport, Communications and Information Technology ने 23 जुलाई को जहाज के मालिक Rentoor Shipmanagement (शंघाई) को एक कड़ा निर्देश जारी किया था कि वे जहाज और उसमें लदे कच्चे तेल को वहां से हटाएं। हालांकि, मालिकों की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और कानूनी विवादों के कारण बचाव कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा है।
तेल रिसाव के बढ़ते खतरे
स्काईट्रुथ के सीईओ John Amos ने चेतावनी दी है कि जहाज के अंदर का तेल अब और गाढ़ा नजर आ रहा है, जिससे संकेत मिलते हैं कि ईंधन टैंक से भी रिसाव हो रहा है। बताया जा रहा है कि इस टैंकर में 8 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल मौजूद है। वर्तमान में ओमान में Khareef monsoon का मौसम चल रहा है, जिसके कारण समुद्र की लहरें बहुत तेज हैं। खराब मौसम और ऊँची समुद्री लहरों की वजह से जहाज के दो टुकड़े होने का डर बढ़ गया है, जिससे यह खतरा और भी गंभीर हो सकता है। स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण विशेषज्ञ अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि कैसे इस बढ़ते हुए संकट को रोका जाए ताकि ओमान की प्राकृतिक संपदा को बचाया जा सके।