भारत और ओमान के बीच आर्थिक रिश्ते हुए मजबूत, अब पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर बनाई नई रणनीति.

भारत और ओमान के बीच आपसी आर्थिक रिश्तों को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब दोनों देश पारंपरिक रूप से सामान खरीदने और बेचने के मॉडल को पीछे छोड़कर एक मजबूत रणनीतिक व्यापारिक साझेदारी की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। इस बात की जानकारी ओमान के महावाणिज्य और महावाणिज्य दूत Mahboob Issa Al Raisi ने दी है। उन्होंने यह बात 21 अगस्त 2026 को अहमदाबाद में आयोजित Confederation of Indian Industry (CII) Gujarat Export Conclave 2026 के तीसरे संस्करण के दौरान कही। इस नए बदलाव से दोनों देशों के बीच व्यापार, उत्पादन, लॉजिस्टिक्स और निवेश के क्षेत्र में काम करने के बहुत सारे नए रास्ते खुल गए हैं।
ओमान बना भारतीय कारोबारियों के लिए बड़ा गेटवे
ओमान के महावाणिज्य दूत ने अपने संबोधन में साफ किया कि ओमान खाड़ी देशों, पूर्वी अफ्रीका और दुनिया के दूसरे बड़े बाजारों तक अपनी पहुंच बनाने के लिए भारतीय कंपनियों को एक बेहतरीन मंच देता है। जो भारतीय व्यापारी अपने बिजनेस को विदेशों में फैलाना चाहते हैं, उनके लिए ओमान एक बड़ा रास्ता बनकर सामने आया है। इस साझेदारी को आगे बढ़ाने में हाल ही में लागू हुए Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) ने बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। यह समझौता शाही डिक्री संख्या 30/2026 के तहत 15 फरवरी 2026 को पास हुआ था और आधिकारिक तौर पर 1 जून 2026 से लागू हो चुका है।
टैक्स में छूट और व्यापार को आसान बनाने के उपाय
इस नए व्यापार समझौते के तहत भारत को ओमान में अपने 99.38% निर्यात पर वैल्यू के हिसाब से पूरी तरह से टैक्स में छूट मिलती है। इसके बदले में ओमान ने भी अपने यहां 127 सर्विस सब-सectors को भारतीय कंपनियों के लिए खोल दिया है। व्यापार को और ज्यादा आसान बनाने के लिए कई तरह के कदम उठाए गए हैं ताकि बीच में आने वाली अड़चनों को हटाया जा सके। अब ओमान के बंदरगाहों पर EIC Certificates को भी स्वीकार किया जा रहा है, जिससे सामान भेजने वाले व्यापारियों को बहुत ज्यादा आसानी हो रही है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Indian Embassy in Oman की आधिकारिक वेबसाइट पर देख सकते हैं।
उच्च स्तर की राजनीतिक बैठकें और बढ़ता निवेश
दोनों देशों के बीच इन गहरे होते रिश्तों की नींव उच्च स्तर पर हुई बैठकों से मजबूत हुई है। हाल ही में 20 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ओमान के मंत्री H.E. Sayyid Badr al Busaidi ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और विदेश मंत्री Dr. Subrahmanyam Jaishankar से मुलाकात की थी। इस बैठक में ऊर्जा, व्यापार और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और ज्यादा बढ़ाने पर बात हुई थी, जिससे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिल सके। इस मुलाकात की पूरी जानकारी Oman Foreign Ministry की वेबसाइट पर दी गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार USD 11.187 billion तक पहुंच गया था। इसके अलावा, भारतीय कंपनियों ने ओमान में विशेषकर सोहर के मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में USD 2 billion से ज्यादा का निवेश किया हुआ है। इस व्यापारिक साझेदारी के बारे में आधिकारिक प्रेस रिलीज आप PIB India पर पढ़ सकते हैं।