Oman Coastline Oil Spill: ओमान के तट पर पहुंचा Caroline Bezengi टैंकर का तेल, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट.

ओमान के समंदर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां यमन के पास एक बड़े हादसे का शिकार हुए टैंकर से निकला तेल अब ओमान के तटों तक पहुंच गया है। इस खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए ओमान सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से काम शुरू किया गया है ताकि पर्यावरण को ज्यादा नुकसान न पहुंचे और समुद्री जीवों को बचाया जा सके।
कहाँ से आया यह तेल और क्या है मामला
यमन के तट के पास एक जोरदार धमाका हुआ जिसके बाद पाबंदियों के दायरे में आने वाला लगभग 800,000 बैरल रूसी कच्चा तेल लेकर जा रहा Caroline Bezengi नाम का टैंकर फंस गया। यह टैंकर हलाणियात द्वीप समूह के पास मलबे की तरह अटका हुआ है जो कि पर्यावरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील इलाका माना जाता है। अंतरिक्ष से ली गई सैटेलाइट तस्वीरों से यह बात सामने आई है कि यह तेल का धब्बा अब 2,000 वर्ग किलोमीटर से ज्यादा के बड़े इलाके में फैल चुका है। ओमान के पर्यावरण प्राधिकरण ने खुद रस मद्राका इलाके में समंदर के किनारे तेल पहुंचने की पुष्टि की है। इस समय मानसून का मौसम होने के कारण ब्रिटिश समुद्री फर्म एम्ब्रे के लिए इस टैंकर को संभालना और तेल के रिसाव को रोकना बहुत मुश्किल हो रहा है।
प्रशासन ने मछुआरों और आम लोगों के लिए जारी की चेतावनी
इस बड़े पर्यावरणीय खतरे को देखते हुए ओमान के अधिकारियों ने समुद्री जीवन और खाने वाले सीफूड की सुरक्षा पर कड़ी नजर रखनी शुरू कर दी है। कृषि, मत्स्य पालन और जल संसाधन मंत्रालय ने सभी स्थानीय मछुआरों को सलाह दी है कि वे किसी भी सूरत में प्रभावित और गंदे पानी वाले इलाकों में न जाएं। इसके अलावा फूड सेफ्टी एंड क्वालिटी सेंटर की टीम स्थानीय बाजारों से मछली के सैंपल लेकर उनकी लगातार जांच कर रही है ताकि लोगों की सेहत के साथ कोई खिलवाड़ न हो।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रही है निगरानी
इस गंभीर मामले पर इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन यानी IMO भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। संगठन का यह कहना है कि इस जहाज की हालत दिन-प्रतिदिन और ज्यादा खराब होती जा रही है जिससे आने वाले समय में और अधिक मात्रा में कच्चा तेल समंदर में फैलने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है। जैसे-जैसे यह तेल का धब्बा मसीराह द्वीप की तरफ आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे स्थानीय अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे प्रभावित समुद्री तटों की तरफ जाने से पूरी तरह बचें और पर्यावरण को सुरक्षित रखने वाले अभियानों में अधिकारियों का पूरा साथ दें।