Strait of Hormuz में फिर बढ़ी हलचल, ओमान ने समुद्री हमलों पर जताई गहरी चिंता और कूटनीति पर दिया जोर.

Praggya Singh sabal8 August 20262 min read67 viewsOman
Strait of Hormuz में फिर बढ़ी हलचल, ओमान ने समुद्री हमलों पर जताई गहरी चिंता और कूटनीति पर दिया जोर.

ओमान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हुए लगातार हमलों की कड़ी निंदा की है। ओमान सरकार ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है और कहा है कि ये घटनाएं समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा बनी हुई हैं। ओमान का आधिकारिक रुख 8 अगस्त 2026 को सामने आया, जिसमें देश ने साफ किया कि वे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवाजाही के लिए कूटनीतिक बातचीत के पक्ष में हैं और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना चाहते हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी Oman Ministry of Foreign Affairs की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

लगातार हमलों से बढ़ी परेशानी

क्षेत्र में तनाव के बीच हाल ही में कई घटनाएं सामने आई हैं। शनिवार, 8 अगस्त 2026 को UAE ने जानकारी दी कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक ADNOC जहाज पर ईरानी मिसाइल से हमला किया गया है। सौभाग्य से इसमें कोई जनहानि नहीं हुई। Abu Dhabi National Oil Company (ADNOC) के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के अंत से अब तक उनके 15 जहाजों को निशाना बनाया गया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है और 20 लोग घायल हुए हैं। केवल इस हफ्ते ही ऐसे 3 हमले रिकॉर्ड किए गए हैं। इसके अलावा, UK Maritime Trade Operations Center (UKMTO) ने बताया कि ओमान के खसाब (Khasab) से 18 समुद्री मील दूर एक अज्ञात वस्तु से जहाज टकराया, जिससे आग लगी, हालांकि चालक दल सुरक्षित है।

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क्या है नया विवाद और रूट का मुद्दा

वर्तमान में ईरान और ओमान के बीच एक नए शिपिंग रूट को लेकर बातचीत चल रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) का कहना है कि जलमार्ग को पूरी तरह से खोलने का निर्णय अमेरिका द्वारा इस्लामाबाद मेमोरेंडम के कथित उल्लंघनों को ठीक करने पर टिका है। प्रस्तावित योजना के तहत ईरान आने वाले जहाजों को नियंत्रित करेगा और ओमान बाहर जाने वाले जहाजों पर नजर रखेगा।

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रवक्ता होसैन मोहेब्बी (Hossein Mohebbi) ने स्पष्ट किया कि रास्ता खोलना केवल ओमान के साथ समझौते पर निर्भर नहीं है, बल्कि अमेरिका को ईरान की शर्तें माननी होंगी। सबसे बड़ा विवाद ट्रांजिट फीस को लेकर है। ईरान माल की कुल वैल्यू का 5 प्रतिशत शुल्क वसूलना चाहता है, जबकि अमेरिका का कहना है कि समुद्र में आवाजाही पूरी तरह मुक्त होनी चाहिए और इस पर कोई टोल नहीं लगना चाहिए। सऊदी अरब और कतर ने भी इन हमलों की निंदा की है और इसे UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया है। खाड़ी में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले समुद्री व्यापार के लिए यह स्थिति अनिश्चितता पैदा कर रही है, क्योंकि हॉर्मुज का रास्ता तेल और अन्य जरूरी सामानों के लिए जीवन रेखा है।

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