Oman Construction Sector: ओमान में कंस्ट्रक्शन सेक्टर की खुली पोल, मजदूरों की सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़ और नियमों की हो रही अनदेखी.

ओमान के निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली बात सामने आई है। जनरल फेडरेशन ऑफ ओमान वर्कर्स यानी GFOW ने अपनी एक हालिया जांच में यह खुलासा किया है कि कंस्ट्रक्शन साइट्स पर सुरक्षा नियमों की लगातार धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मजदूरों को काम के दौरान जरूरी सुरक्षा उपकरण नहीं मिल रहे हैं और उन्हें भीषण गर्मी में भी काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। ओमान में बड़ी संख्या में भारतीय और अन्य देशों के प्रवासी मजदूर कंस्ट्रक्शन सेक्टर में काम करते हैं, ऐसे में यह खबर उन सभी लोगों और उनके परिवारों के लिए बेहद चिंताजनक है जो रोजी-रोटी कमाने के लिए गल्फ देशों में रहते हैं।
साल 2025 में सामने आए 403 हादसे
जनरल फेडरेशन ऑफ ओमान वर्कर्स की पत्रिका सवाएद नकाबिया में 9 अगस्त 2026 को छपे एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में ओमान के प्राइवेट सेक्टर में काम के दौरान कुल 403 ऐसे मामले दर्ज किए गए जिनमें मजदूरों को चोटें लगीं और उन्हें मुआवजा देना पड़ा। कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री को इनमें सबसे ज्यादा जोखिम भरा क्षेत्र माना गया है क्योंकि यहाँ खुले आसमान के नीचे भारी मशीनों के साथ खतरनाक काम करने होते हैं। ओमान सरकार ने मजदूरों की सुरक्षा के लिए कई कड़े नियम बना रखे हैं, जैसे कि साल 2021 का शाही फरमान संख्या 33, जिसके तहत हर कंपनी को अपने कर्मचारियों को एक सुरक्षित कामकाजी माहौल देना अनिवार्य किया गया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात काफी खराब बने हुए हैं और कई कंपनियां इन नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही हैं।
गर्मी के नियमों की अनदेखी और खराब सुविधाएं
ओमान में गर्मियों के मौसम में दोपहर के वक्त कड़ी धूप और लू से बचाने के लिए एक कड़ा नियम बनाया गया है। इस नियम के तहत हर साल जून, जुलाई और अगस्त के महीनों में दोपहर 12:30 बजे से लेकर 3:30 बजे तक धूप में बाहर काम करने पर पूरी पाबंदी होती है। इसके अलावा निर्माण क्षेत्र के लिए GFOW के प्रमुख खालिद बिन याकूब अल मामरी ने बताया कि मजदूर आज भी चिलचिलाती धूप, दोयम दर्जे के सेफ्टी गियर, भीड़भाड़ वाले कमरों और असुरक्षित परिवहन में रहने को मजबूर हैं। कई मालिक सुरक्षा को एक जरूरी जरूरत न मानकर केवल फालतू का खर्चा मानते हैं।
श्रम मंत्रालय और यूनियन की प्रतिक्रिया
इस पूरे मामले को लेकर GFOW के ट्रेड यूनियन और श्रम सेवा विभाग के कार्यकारी निदेशक इब्राहिम बिन अब्दुल्ला अल गरीबी ने कंपनियों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए कड़ी जांच और मजदूरों में जागरूकता बढ़ाने की बात कही है। उन्होंने उन मजदूरों को खास तौर पर बेहतर सुरक्षा देने की मांग की है जो खुद आगे आकर नियमों के उल्लंघन की शिकायत करते हैं। वहीं दूसरी तरफ, ओमान के श्रम मंत्रालय की ओर से व्यावसायिक सुरक्षा विभाग के प्रमुख दाऊद बिन सुलेमान अल घाफरी ने साफ किया है कि मंत्रालय शिकायतों पर बहुत सख्ती से काम कर रहा है और लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने यह भी बताया कि अगर किसी मजदूर को कोई भी दिक्कत या खतरा महसूस होता है, तो वे सीधे हॉटलाइन पर कॉल करके इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। हालांकि भाषा की दिक्कत, छोटे और मध्यम उद्योगों में सुपरवाइजरों की कमी, और मालिकों द्वारा सही से निगरानी न होना जैसी कई रुकावटें अभी भी रास्ते में आ रही हैं।